परिजनों का आरोप है कि उनसे 10 लाख कैश व बड़ी गाड़ी मांगी जाती थी। मांगे पूरी न होने पर नेहा को जानवरों की तरह पीटा जाता था। परिवार ने पुलिस के अलावा महिला आयोग से शिकायत की हुई थी। पिछले माह 18 नवंबर को सीएडब्ल्यू सेल में शिकायत दी गई थी। आरोप है कि इसके बावजूद भी पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
नेहा के पिता चंद्र मोहन नाहल ने बताया कि वह परिवार के साथ ई-ब्लॉक, गली नंबर-3 कांति नगर में रहते हैं। वर्ष 2017 फरवरी में उन्होने अपनी बेटी नेहा अरोड़ा की शादी गीता कालोनी निवासी पुनीत अरोड़ा से की थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद नेहा के साथ मारपीट शुरू कर दी गई। पुनीत के पिता, मां और देवर नेहा के साथ मारपीट करते थे। इसकी वजह से वह परेशान थी।
पुलिस व आयोग के जरिए बनाना चाहते थे दबाव
परिवार पुलिस व महिला आयोग से शिकायत कर पुनीत के परिवार पर दबाव बनाना चाहते थे। इसी वजह से दोनों जगह शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पांच दिसंबर को आखिरी बार हुई थी बात
चंद्रमोहन ने बताया कि उनकी आखिरी बार बेटी से पांच दिसंबर की रात को बात हुई थी। इसके बाद उसका फोन नहीं उठा। छह दिसंबर को फोन तो फोन नहीं उठा। सात को भी जब ऐसा हुआ तो परिवार को कुछ खटका हुआ और वे नेहा के घर सरोजिनी नायडू पार्क, शास्त्री नगर दूसरी मंजिल के मकान पहुंचे तो देखा कि घर का दरवाजा बंद था। परिवार बेल बजाकर वापस लौट गया। अगले दिन आठ दिसंबर को दोबारा परिवार वहां पहुंचा। मकान मालिक से दूसरी चाबी मंगाकर मेन गेट खोला गया। अंदर ड्राइंगरूम का दरवाजा भी बंद था। उसको काटकर देखा गया तो नेहा की लाश पंखे से लटकी मिली।
पुलिस के साथ एसडीएम भी कर रहे जांच
घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्राइम टीम के अलावा एफएसएल को मौके पर बुलाया गया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेजा गया। पुलिस के अलावा क्षेत्रीय एसडीएम मामले की जांच कर रहे हैं।