वह मामले की जांच करने के लिए दिल्ली पहुंचा। छह अप्रैल को वीणा गर्ग नामक महिला दिल्ली के संगम विहार पुलिस स्टेशन में बच्ची रक्षणा रॉय के साथ पहुंची और कहा कि राहुल गुप्ता व बच्ची की मां नेहा देवी बच्ची को उसके पास छोड़कर चले गए हैं। आठ अप्रैल को पुलिस ने रक्षणा रॉय को बाल कल्याण समिति दिल्ली को सौंप दिया। बच्ची को अंडमान निकोबार पुलिस ने बरामद कर नोएडा निवासी उसकी करीबी रिश्तेदार दीक्षा को सौंप दिया। आगामी कार्रवाई के लिए मामला बाल कल्याण समिति पोर्ट ब्लेयर को सौंपा गया। 26 अप्रैल को समिति ने छोटी बच्ची दक्षणा रॉय से पूछताछ की।
पूछताछ में बच्ची ने खुलासा किया कि वह अपनी मां नेहा के साथ राहुल गुप्ता से मिलने गई थी। कई दिनों तक वे राहुल गुप्ता की सास वीणा गर्ग के यहां रहे। एक दिन शाम को राहुल गुप्ता, उसकी पत्नी कीर्ति, सास वीणा, नेहा देवी, रक्षणा रॉय के साथ बाहर घूमने के लिए कार में गए। उसके कुछ घंटों बाद राहुल, उसकी पत्नी कीर्ति ने उसकी मां की नेहा से कहासुनी हो गई। झगड़े के दौरान नेहा को दोनों ने चोट मार दी, जिससे वह बेहोश हो गई। उसके बाद वे उसे कार में लेकर वापस दिल्ली आने लगे। रास्ते में राहुल व कीर्ती ने उसकी मां नेहा को नाले में फेंक दिया और उसे लेकर दिल्ली आ गए।
दिल्ली में उसे बुजुर्ग महिला के पास छोड़ गए। बच्ची दिल्ली में नई थी तो उसे जगह के बारे में जानकारी नहीं थी। मामले की जांच करने पर पता चला कि पलवल के कैंप थाना अंतर्गत गांव असावटा के समीप रजवाहे में अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था। पलवल आकर जांच की गई तो शरीर पर पाए गए। टैटू के निशान व पहने हुए कपड़ों से शव की पहचान नेहा देवी के तौर पर हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट मौत का कारण लिखा हुआ था।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपियों की गिरफ्तारी के बात ही हत्या के कारण स्पष्ट हो पाएंगे। जानकारी के अनुसार, पोर्ट ब्लेयर निवासी नेहा की फेसबुक पर राहुल गुप्ता से एक साल पहले दोस्ती हुई थी। उसके बाद फोन पर दोनों की बातचीत होने लगी। राहुल नेहा से मिलने के लिए पोर्ट ब्लेयर भी गया था। उसके बाद राहुल ने नेहा को दिल्ली बुलाया।