शुरुआती जांच में पता चला कि सात साल पहले महिला की शादी हुई थी लेकिन उसका कोई संतान नहीं है। बच्चे की चाहत में उसने वारदात को अंजाम दिया। बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को संजय गांधी अस्पताल से एक बच्चे को अगवा होने की शिकायत मिली। सूचना मिलते ही मंगोलपुरी थाना पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने एक टीम गठित कर लिया।
पुलिस ने अस्पताल और उसके आस पास लगे करीब सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरे की जांच की। साथ ही पुलिस ने करीब दो सौ से अधिक लोगों से पूछताछ की। इसके जरिए पुलिस ने महिला की पहचान करते हुए उसका पीछा किया और उसे राजपार्क से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने महिला के कब्जे से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।
जांच में पता चला कि 25 साल की आरोपी महिला की शादी सात साल पहले हुई थी। वह मां नहीं बन पा रही थी। जिसकी वजह से वह मानसिक तनाव में थी। उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। पूछताछ में उसने बताया कि मानसिक तनाव व बच्चे की चाहत में उसने यह कदम उठाया।
सात दिन से अस्पताल का लगा रही थी चक्कर
जांच में पता चला कि वह बच्चे का अपहरण करने के लिए सात दिन से अस्पताल का चक्कर लगा रही थी। सातवें दिन मौका पाकर उसने अस्पताल में भर्ती 48 दिन के बच्चे को लेकर लेकर भाग गई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की जांच की। जिसमें पुलिस ने महिला बच्चे को ले जाते हुए दिखी। पुलिस सीसीटीवी कैमरे की जांच करते हुए आरोपी महिला तक पहुंची। महिला ने बताया कि सात साल पहले उसकी शादी हुई थी। लेकिन वह मां बनने में असमर्थ होने पर बच्चे की अपहरण की साजिश रची।