शुक्रवार देर शाम आई तूफानी आंधी ने जहां कई घरों को तबाह किया और कई जानें ले लीं वहीं, एक घर को खुशियों से भर दिया। तूफानी आंधी के चलते लेट हुई मेट्रो के भीतर अचानक बच्चे के रोने की आवाज सुनकर यात्री चौंक उठे।
दरअसल, तेज हवा और बारिश ने मेट्रो की भी रफ्तार रोक दी और नतीजा यह हुआ कि लोग मेट्रो के भीतर ही फंसे रहे।
इसी हाल में एक महिला भी फंस गई जो डिलीवरी के लिए अपने पति के साथ द्वारका स्थित हॉस्पिटल जा रही थी।
मेट्रो में शुरू हो गया दर्द
टीओआई के अनुसार, यह मामला रात करीब 9 बजे के आसपास द्वारका की ओर जा रही मेट्रो का है। जिसमें कृष्णा नाम की एक महिला अपने पति प्रदीप के साथ हॉस्पिटल जाने के लिए निकली थी।
वे द्वारका सेक्टर 10 स्टेशन पहुंच गए लेकिन आगे जाने के लिए उन्हें मेट्रो सर्विस शुरू होने का इंतजार करना पड़ा।
रात 9 बजे सेवा शुरू होते ही उन्होंने मेट्रो पकड़ी लेकिन तभी महिला को लेबर पेन होने लगा। महिला ने आसपास मौजूद यात्रियों से मदद मांगी, जिन्होंने मेट्रो स्टाफ और सीआईएसएफ कर्मियों को इसकी सूचना दी।
रोक दी गई मेट्रो
डिलीवरी की सूचना मिलते ही मेट्रो रोक दी गई और एक यात्री, जोकि पेशे से डॉक्टर था, उसने डिलीवरी कराने में महिला की मदद की। इस दौरान सीआईएसएफ ने भी अपने निजी डॉक्टर को बुला लिया।
यही नहीं, सीआईएसएफ के जवान ने तौलिये का इंतजाम किया जिससे बच्चे को सुरक्षित रखा जा सके और डिलीवरी में महिला की मदद की। ट्रेन में मौजूद कुछ महिला यात्री भी मदद के लिए आगे आईं और आखिरकार लगभग रात 9.10 बजे महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया।
बच्ची के पैदा होते ही उसे तौलिए में लपेट दिया गया। इसके बाद मां और बेटी दोनों को एक एंबुलेंस के जरिए तत्काल पालम हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां फिलहाल दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।