नोएडा निवासी एक महिला ने इंदिरापुरम स्थित हैबिटेट सेंटर के निदेशकों पर दुकान दिलाने का झांसा देकर 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि हैबिटेट सेंटर के निदेशकों ने उनसे तीन दुकानों का सौदा कर 2016 में 35 लाख और 2018 में 15 लाख रुपये लिए। दुकान भी नहीं मिली और रुपये मांगने के बावजूद उनके रुपये वापस नहीं किए। इंदिरापुरम पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर जांच में जुटी है।
नोएडा सेक्टर-46 में सुशीला सारस्वत परिवार के साथ रहती हैं। उन्होंने बताया कि इंदिरापुरम के हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रमोद गोयल के एजेंट ने 2016 में हैबिटेट सेंटर में तीन दुकानों को खरीदने का प्रस्ताव दिया। इस दौरान निवेश पर 24 फीसदी रिटर्न देने की भी बात की। दोनों पक्षों में जुलाई 2016 में करार हो गया। उन्होंने 35.50 लाख रुपये निदेशकों को दे दिए।
उन्होंने बताया कि आठ महीने तक उन्हें रिटर्न मिलता रहा, लेकिन उसके बाद रिटर्न मिलना बंद हो गया। उनका आरोप है कि न उनके रुपये वापस हुए और न ही करार रिन्यू हुआ। इसके बाद बीते साल अगस्त में उन्हें निदेशकों ने रजिस्ट्री कराने की बात कही। उन्हें झांसे में लेकर 15 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद भी उन्हें दुकान नहीं मिली तो उन्होंने फोन कर संपर्क करना चाहा मगर, उनके फोन भी उठने बंद हो गए।
पीड़िता का आरोप है कि जिन दुकानों का सौदा उन्होंने किया था वह दुकानें बेच दी गई हैं। महिला ने हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रमोद गोयल, किशन चंद जैन और अनिल गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत देकर इंदिरापुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
महिला ने आरोप लगाया है कि निदेशक देश छोड़ने की फिराक में हैं। एसएचओ इंदिरापुरम संदीप सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रमोद गोयल से संपर्क का प्रयास किया, लेकिन उनका कॉल नहीं उठा।