दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में पूर्वोत्तर की तीन युवतियों के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल के मामले में रूबी जैन और उसके पति हर्ष प्रिय सिंह को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि दिल्ली की साकेत अदालत ने दंपती को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
मालवीय नगर थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर दोनों की गिरफ्तारी हुई है। उन्होंने बताया कि 20 फरवरी को किराए के मकान में मरम्मत कार्य को लेकर हुए विवाद के दौरान रूबी ने अरुणाचल प्रदेश की तीन युवतियों के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
पुलिस ने प्राथमिकी में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा को भी शामिल किया है। शुरू में मामला भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था, जिनमें आपराधिक धमकी, महिला की गरिमा का अपमान और विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य फैलाने से संबंधित आरोप शामिल हैं।
दक्षिण जिला पुलिस ने एक बयान में कहा हैं कि एससी-एसटी अधिनियम जोड़े जाने के बाद अब जांच एसीपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में की जा रही है। दक्षिण जिला पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस के मुताबिक, घटना के दौरान नस्लीय टिप्पणी किए जाने के संकेत वीडियो रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की जांच के बाद मिले, जिसके आधार पर गिरफ्तारी की गई।
मुख्यमंत्री ने घटना की कड़ी निंदा की
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर घटना की निंदा करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर की हमारी बहनों के साथ हुई घटना की मैं कड़े शब्दों में निंदा करती हूं और मैं उनके साथ मजबूती से खड़ी हूं। उन्होंने एक्स पर कहा कि दिल्ली हर किसी की है। यहां हर नागरिक की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा सर्वोपरि है। मैं स्वयं उनसे मिलूंगी। पुलिस पूरी जिम्मेदारी से कानूनी कार्रवाई कर रही है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो। किसी भी बेटी को तंग करना, भेदभाव करना या अपमानित करना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम सब एक हैं और हर बेटी की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च जिम्मेदारी है।