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बगैर मिट्टी के पैदा होने वाली सब्जियों के प्रति बढ़ा आकर्षण, 20 एकड़ में बना है फार्म

Thu, 09 Aug 2018 04:01 AM IST
संदीप वर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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इंडिया इंटरनेशनल हॉस्पिटेलिटी एक्सपो में बगैर मिट्टी उगाई जाने वाली सब्जियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई हैं। नीदरलैंड से लाई गई इस हाइड्रोपोनिक तकनीक में केवल पानी और पोषक तत्वों की मदद से सब्जियों की खेती की जाती है। 

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एक्सपो के पहले दिन ‘नेचर मिरेकल’ स्टॉल पर रखी पीले और लाल रंग की शिमला मिर्च, कैंडी आकार के टमाटर और छोटे-छोटे से खीरे लोगों को स्टॉल पर उनके कदम रोकने को मजबूर कर रहे थे।
      
एक्सपो का उद्घाटन करने पहुंची केंद्रीय मंत्री खाद्य प्रसंस्करण उद्योग हरसिमरत कौर भी स्टॉल पर रखी सब्जियों को देखकर रुक गईं और उन्हें घर-घर तक इस तकनीक को पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार की खाद्य योजना से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया। 
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स्टॉल पर मौजूद कंपनी के ब्रांड मार्केटिंग सौरभ बवारी ने बताया कि हाइड्रोपोनिक (बिना मिट्टी के पौधे उगाने की तकनीक) से इन सब्जियों को तैयार किया जाता है। कंपनी ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट में 20 एकड़ क्षेत्रफल में फार्म बनाया है।

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एनसीआर में बढ़ रही है मांग 

जिसमें से 15 एकड़ क्षेत्र में ग्रीन हाउस तैयार कर लिया है। डच तकनीक का उपयोग करते हुए सब्जियों को पानी और पोषक तत्वों से तैयार किया जाता है और एक उचित वातावरण में रखा जाता है।

इसमें आरओ के पानी का ही प्रयोग किया जा रहा है। जबकि सब्जी के बीज भी नीदरलैंड से आ रहे हैं। आर्गेनिक से एक कदम आगे इस विधि में मिट्टी में पाई जाने वाली अशुद्धियों को भी इस विधि में दूर रखा जा रहा है।

शुरुआत में तीन सब्जियों टमाटर, खीरा और शिमला मिर्च के दो से तीन प्रकारों का तैयार किया जा रहा है। जिसमें तीन तरह की शिमला मिर्च, टमाटर को कैंडी और चेरी आकार में तैयार किया जा रहा है। वहीं खीरा भी दो आकार में तैयार किया जा रहा है।       

एनसीआर में बढ़ रही है मांग 
सौरभ ने बताया कि टमाटर की 250 ग्राम कैंडी फुटकर में करीब 150 रुपये में उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा दो शिमला मिर्च (400 ग्राम) 120 रुपये में मिल रही है। जबकि 250 ग्राम खीरा की कीमत करीब 99 रुपये है। यह दिल्ली-एनसीआर के मॉल्स में स्थित मॉर्ट में उपलब्ध कराए जा रहे हैं और पिछले डेढ़ वर्षों में इसकी मांग बढ़ी है।
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