जिसमें से 15 एकड़ क्षेत्र में ग्रीन हाउस तैयार कर लिया है। डच तकनीक का उपयोग करते हुए सब्जियों को पानी और पोषक तत्वों से तैयार किया जाता है और एक उचित वातावरण में रखा जाता है।
इसमें आरओ के पानी का ही प्रयोग किया जा रहा है। जबकि सब्जी के बीज भी नीदरलैंड से आ रहे हैं। आर्गेनिक से एक कदम आगे इस विधि में मिट्टी में पाई जाने वाली अशुद्धियों को भी इस विधि में दूर रखा जा रहा है।
शुरुआत में तीन सब्जियों टमाटर, खीरा और शिमला मिर्च के दो से तीन प्रकारों का तैयार किया जा रहा है। जिसमें तीन तरह की शिमला मिर्च, टमाटर को कैंडी और चेरी आकार में तैयार किया जा रहा है। वहीं खीरा भी दो आकार में तैयार किया जा रहा है।
एनसीआर में बढ़ रही है मांग
सौरभ ने बताया कि टमाटर की 250 ग्राम कैंडी फुटकर में करीब 150 रुपये में उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा दो शिमला मिर्च (400 ग्राम) 120 रुपये में मिल रही है। जबकि 250 ग्राम खीरा की कीमत करीब 99 रुपये है। यह दिल्ली-एनसीआर के मॉल्स में स्थित मॉर्ट में उपलब्ध कराए जा रहे हैं और पिछले डेढ़ वर्षों में इसकी मांग बढ़ी है।