विदेशों से निवेश तलाश रही सरकार प्रदेश में पर्यटन स्थल की दशा सुधारने में जुट गई है। प्रदेश का मुखौटा बनाकर गुड़गांव को पेश करने के साथ यहां के पर्यटन केंद्रों को तराशने की कवायद तेज कर दी है।
मार्च महीने में होने वाली ग्लोबल इंवेस्टर मीट के साथ यहां आने वाले निवेशकों को यहां की हरियाली और पर्यटन केंद्र के जरिये आकर्षित करने की भी कोशिश की जा रही है। शहर के अलग-अलग हिस्से को हराभरा करने के लिए विभागों को आदेश भी दिया गया है।
कंक्रीट के जंगल के बीच अरावली और इससे सटे इलाके में पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। विदेशियों के लिए काम के साथ घूमने फिरने और हरियाली प्रमुख पसंद होती है।
इससे निवेश का जरिया भी माना जाता है। इसे देखते हुए हाल ही में वन विभाग के प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट ने भी वन विभाग, जिला प्रशासन और नगर निगम के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर को हरा-भरा करने के साथ पिकनिक स्पॉट विकसित की योजना पर अमल करने को कहा है।
सिटी फॉरेस्ट पर अधिक तवज्जो देने के साथ शहर के बीचोंबीच चयनित जगहों को हराभरा कर बतौर पिकनिक स्पॉट विकसित करने पर काम किया जा रहा है।
बता दें कि अभी जिले में सुल्तानपुर राष्ट्रीय पक्षी उद्यान और दमदमा झील पर्यटन केंद्र है। इसके अलावा भारत यात्रा केंद्र और बायो डायवर्सिटी पार्क है, लेकिन इनकी स्थिति अभी ठीक नहीं है।
इस प्रोजेक्ट पर हो रहा है काम-
चक्करपुर बांध के पुनर्निर्माण के लिए गांव चक्करपुर में काम शुरू हो गया है। इसके अलावा सात किलोमीटर लंबे झाड़सा जलाशय को नगर निगम विकसित करेगा।
करीब 8.38 एकड़ में कादीपुर गांव में वन विभाग की जमीन को सिटी फॉरेस्ट के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। एमडीआई चौक से अतुल कटारिया चौक तक ग्रीन बेल्ट बनाया जाएगा। मुख्य संरक्षण अधिकारी एमडी सिन्हा ने बताया कि ‘ग्रीन गुड़गांव’ बनाने के उद्देश्य से इस मुहिम को शुरू किया गया है। इस प्रोजेक्ट को एक साल के अंदर पूरा कर दिया जाएगा।
बॉयोडायवर्सिटी पार्क में बनेगा सिटी फॉरेस्ट-
अरावली में बने बॉयोडायवर्सिटी पार्क से सटे 120 एकड़ क्षेत्र में शहरी वन क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार शहरी वन क्षेत्र के अलावा हर्बल पार्क या चिड़िया घर बनाने पर भी विचार कर रही है।
पार्क में अलग से हर्बल पार्क या चिड़िया घर बनाया जा सकता है। जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ बेहतर पिकनिक स्पॉट के रूप में उभरेगा। यहां लोगों के लिए तमाम सुविधाएं दी जाएगी। नगर निगम के सीनियर कंसल्टेंट सीआर बिशभनोई ने बताया कि जमीन वन विभाग को दे दी गई है। जो भी अचड़नें है उसे भी दूर कर दिया जाएगा। इसको विकसित वन विभाग करेगा।
भारत यात्रा केंद्र
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के ‘भारत यात्रा केंद्र’ को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित करने का खाका तैयार किया गया है। बाहर से आने वाले पर्यटकों के ठहरने से लेकर भोजन तक की व्यवस्था की जा रही है। यहां अलग से कैंपिंग साइट का निर्माण किया जाएगा। खेलने-कूदने, खाने-पीने व मौज-मस्ती के लिए भरपूर इंतजाम होगा। हरियाणा वन निगम के महाप्रबंधक सुभाष यादव ने बताया कि इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने के लिए काम किया जा रहा है।