इंडियन इंटरनेशनल ट्रेड फेयर का आधी-अधूरी तैयारी के साथ सोमवार से आगाज हो रहा है। कई राज्यों के पवेलियन अभी तक तैयार नहीं हो सके हैं। राज्यों के मंडप में तो रंग-रोगन का काम ही चल रहा है। वहीं, हैंगर में लगने वाले स्टॉल का काम भी जारी है।
14 दिवसीय मेले का उद्घाटन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी करेंगे। जबकि केंद्रीय वाणिज्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) निर्मला सीतारामन समेत इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (आईटीपीओ) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
देश के सबसे बड़े व्यापार मेले में 14-18 नवंबर के बीच कारोबारियों की इंट्री होगी। 19-27 नवंबर के बीच आम दर्शक मेले का लुत्फ उठा सकेंगे। 36 वें व्यापार मेले की थीम डिजिटल इंडिया है। व्यापार मेले में इस बार 7000 प्रतिभागी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। इसमें 24 देशों की करीब 280 कंपनियां भी शामिल हैं। हालांकि, अभी मेले की तैयारियां पूरी नहीं हैं। राज्यों के साथ अंतरराष्ट्रीय पेवेलियन की भी साज-सज्जा अभी पूरी नहीं हुई है।
आईटीपीओ की सलाह है कि ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्याओं से बचने के लिए दर्शकों को दिल्ली मेट्रो से सफर करना चाहिए। स्टेशन पर ट्रेड फेयर का टिकट मिलेगा। वहीं, प्रगति मैदान या आईपी स्टेट मेट्रो स्टेशन से मेले के एंट्री गेट तक पहुंचने के लिए लगातार चलने वाली शटल बसें मिलेंगी। यही नहीं, वापसी में दर्शकों को मेट्रो स्टेशन की भीड़ से बचाने के लिए सभी गेट पर टिकट मिलेंगे। यहां से वापसी का टिकट खरीदा जा सकता है।
इस बार साझेदार देश दक्षिण कोरिया व हरियाणा साझेदार राज्य है। जबकि फोकस कंट्री बेल्जियम व फोकस स्टेट मध्य प्रदेश व झारखंड है। मेले की थीम डिजिटल इंडिया पर सभी राज्य अपनी पेवेलियन तैयार कर रहे हैं।
कारोबारियों की एंट्री
कारोबारी टिकट दिखाकर सभी गेट से एंट्री कर सकते हैं। जबकि इनका रजिस्ट्रेशन गेट नंबर 1, 2, 7, 10 पर होगा। कांउटर पर कार्ड दिखाने पर एक किट मिलेगी। इसमें पूरे ट्रेड फेयर का ब्योरा रहेगा। इसके अलावा मोबाइल एप के जरिये भी मेले की पूरी जानकारी मिलेगी। एक दिन का शुल्क 500 रुपये व पूरे फेयर का टिकट 1800 रुपये में मिलेगा।
पार्किंग की सुविधा
पार्किंग की सुविधा दिल्ली चिड़ियाघर, भैरो मार्ग, प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन व पुराना किला पर है। कार/जीप के लिए 150 रुपया और बाइक के लिए 75 रुपया शुल्क रखा गया है। दर्शकों के लिए प्रगति मैदान के भीतर पार्किंग नहीं है।
भागीदार देश दक्षिण कोरियाई उत्पादों का धमाल
भागीदार देश दक्षिण कोरिया का मंडप भी सज रहा है। यहां तकनीकी प्रगति के साथ स्थानीय उत्पाद, खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प आदि का प्रदर्शन किया गया है। साथ ही दक्षिण कोरियाई डिजाइन के अनूठे शिल्पों का भी प्रदर्शन होगा।