गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) ट्रैक पर दौड़ने की तैयारी दिल्ली सरकार ने तेज कर दी है। वैट, आबकारी, मनोरंजन, लग्जरी या बैटिंग टैक्स को लेकर जहां अधिकारियों का प्रशिक्षण चल रहा है, वहीं मनोरंजन, विलासिता और सट्टेबाजी कर को लेकर आबकारी एवं मनोरंजन कर विभाग ने रजिस्टर्ड संस्थानों के प्रोविजनल जीएसटिन जारी करने का काम शुरू कर दिया है। विभाग ने सरकुलर जारी करके 15 नवंबर तक सभी रजिस्टर्ड संस्थान संचालकों से पैन नंबर समेत कुछ अन्य सूचनाएं जमा कराने को कहा है।
आबकारी एवं मनोरंजन कर विभाग के उपायुक्त प्रवीण मिश्रा की तरफ से जारी सरकुलर में कहा गया है जीएसटी लागू होना है। उसे देखते हुए मौजूदा विलासिता कर, मनोरंजन कर और सट्टेबाजी कर के लिए पैन आधारित अंतरिम जीएसटिन जारी होगा।
ये पुराने आरसी नंबर की जगह लेगा। जीएसटी लागू होने की दशा में सब कुछ ठीक चले इसके लिए सही पैन नंबर दें। सभी रजिस्टर संस्थानों को निर्देश दिया जाता है कि विभाग में अपडेट पैन नंबर व जीएसटी के लिए अन्य सूचनाएं भी 15 नवंबर तक जमा कराएं।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार के वैट विभाग में जीएसटी को लेकर कुछ महीने से तैयारी चल रही है। यहां के कुछ अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर भी बनाया गया है जो दूसरे विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ डीलर्स ने उसी तरह काम शुरू कर दिया है। जिन्होंने इसके लिए पहले तैयारी शुरू कर दी है उन्हें अप्रैल 2017 में जीएसटी लागू होने पर परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।