केजरीवाल सरकार ने आगामी 15 से 17 जनवरी तक दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र बुलाया है। इस बार दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है।
सरकार जहां भाजपा शासित नगर निगम की ओर से चलाए जा रहे सीलिंग को मुद्दा बनाएगी। वहीं विपक्षी ठंड से हुई मौत, रैन बसेरे की समस्या और पानी की कीमत बढ़ाने को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
जबकि सरकार एलजी की ओर से किए जा रहे प्रशासनिक हस्तक्षेप को भी मुद्दा बनाएगी। तीन दिवसीय शीतकालीन विधानसभा सत्र में सरकार बजट के अनुपूरक मांगों को पटल पर रखेगी।
साथ ही सरकार ने बजट को लेकर भी तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इस बार दिल्ली का बजट केंद्र का बजट आने के एक माह बाद यानी मार्च के पहले सप्ताह में आएगा।
विधानसभा सत्र के दौरान दिल्ली के वर्तमान के प्रमुख मुद्दों को भी विधानसभा में उठाया जाएगा। सत्तापक्ष इस बार विधानसभा में सीलिंग को मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
दिल्ली में सीलिंग एमसीडी की ओर से की जा रही है। केंद्र में भी भाजपा की सरकार होने के बाद भी वह सीलिंग रुकवाने में नाकाम रही है। सरकार इस मुद्दे को जोरशोर से उठाने की तैयारी में जुटी है।