दिल्ली सरकार ने भले पानी मुफ्त कर दिया हो, लेकिन गाजियाबाद में पानी का भुगतान अब मीटर से करना होगा। जल निगम की नई पेयजल योजना में अब बिना मीटर लगाए लोगों को पानी के कनेक्शन नहीं मिलेंगे।
पानी के लिए लोगों को यूजर चार्ज चुकाना होगा। एनएच-58 से सटी कालोनियों के वाटर सप्लाई के लिए तैयार की जा रही पेयजल योजना से यह नई व्यवस्था महानगर में लागू हो जाएगी।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय से गाइडलाइन जारी होने पर पहले चरण में वाटर कनेक्शनों पर मीटर लगाने के लिए जल निगम 12 हजार मीटर खरीदेगा।
सीएचए पार्ट-1 योजना में जल निगम एनएच-58 से सटी आठ कालोनियों में पानी देने के पेयजल संसाधन डेवलप कर रहा है।
यूआईडीएसएसएमटी योजना के तहत बनाई जा रही इस वाटर स्कीम पर करीब 82 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें 80 फीसदी फंड केंद्र सरकार देगी।
केंद्र सरकार ने इस बजट की वसूली और स्कीम की मेंटीनेंस के लिए यूजर चार्ज लगाना अनिवार्य कर दिया है। इस योजना से प्रभावित कई कालोनियों में वाटर कनेक्शन पहले से मौजूद हैं। ऐसे कनेक्शनों को वाटर स्कीम पूरी होते ही मीटर लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
यूजर चार्ज की दरें जल्द होंगी तय
वाटर यूजर चार्ज की दरें अभी तय नहीं हुई हैं। अधिकारियों के मुताबिक यूजर चार्ज का रेट स्थानीय निकायों को तय करना होगा। इसकी वसूली भी नगर निगम और नगर पालिकाएं अपने स्तर से कराएंगे। जल निगम केवल मीटर लगाकर देगा।
ये संसाधन होंगे डेवलप
योजना में 30 ट्यूबवेल, 8 ओवरहेड टैंक और 150 किलोमीटर वाटर डिस्ट्रीब्यूशन लाइन बिछाई जानी है। योजना में 10-10 फीसदी अंश प्रदेश सरकार और नगर निगम को भी देना है।
इन कालोनियों को मिलेगा पानी
नंदग्राम, सेवा नगर, गढ़ी, मोरटा, सिहानी, दुहाई, नूरनगर, घूकना