वसंत विहार गैंगरेप मामले में दोषी मुकेश के साक्षात्कार पर तैयार डॉक्यूमेंट्री के प्रसारण पर 27 मई तक प्रतिबंध जारी रहेगा। हाईकोर्ट ने डॉक्यूमेंट्री पर लगी रोक को फिलहाल हटाने से इंकार कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की खंडपीठ ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को डॉक्यूमेंट्री को लेकर जारी गाइडलाइंस की प्रति पेश करने का निर्देश दिया है। खंडपीठ ने कहा कि गाइडलाइंस का अध्ययन करने के बाद ही मामले में आगे कुछ निर्णय लिया जाएगा। खंडपीठ ने कहा कि मंत्रालय के अनुसार डॉक्यूमेंट्री महिला हिंसा को बढ़ावा देगी। ऐसे में महिला सुरक्षा से कतई समझौता नहीं किया जा सकता।
गौरतलब है कि विगत 18 मार्च को अदालत ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से डॉक्यूमेंट्री को लेकर जो गाइड लाइन केबल टीवी नेटवर्क संचालकों को जारी की है, उसकी कॉपी अदालत में पेश करने के निर्देश जारी किए थे। पेश मामले में लॉ स्टूडेंट विभोर आनंद, अरुण मेनन व क्रीतिका ने अलग-अलग जनहित याचिका दायर की है।
याचिकाओं में डॉक्युमेंट्री के प्रसारण पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग की गई है। कहा गया है कि दोषी के साक्षात्कार के प्रसारण से उसके दिमागी सोच की वास्तविकता का पता चल सकेगा।
इसलिए प्रसारण करने की इजाजत दी जानी चाहिए। डॉक्यूमेंट्री पर विवाद होने के बाद केंद्र सरकार ने उसके प्रसारण पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने बाकायदा निचली अदालत में आवेदन दायर किया था। जिसके बाद निचली अदालत ने चार मार्च को प्रसारण पर रोक लगा दी थी।