मतदाता सूची से फर्जीवाड़ा खत्म करने के लिए अब वोटर आई कार्ड को आधार नंबर से जोड़ा जाएगा। पहले चरण में इसे ग्राम पंचायत मतदाता सूची पर लागू किया जाएगा। इसके बाद इसे विधानसभा और लोकसभा सूची में भी अमल में लाया जाएगा।
सहायक जिला पंचायत निर्वाचन अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि इससे पूर्व मतदाताओं को यूनिक कोड दिए जाने की योजना थी। इस कोड अलग से जनरेट किया जाना था, जबकि आधार कार्ड में हर नागरिक को एक यूनिक नंबर दिया जा रहा है।
ऐसे में अलग से यूनिक कोड देने की बजाय आधार नंबर से ही मतदाता पहचान पत्र को कनेक्ट किए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर जिन लोगों के आधार कार्ड बन चुके हैं, अब उनका भी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
खास बात यह है कि आधार कार्ड में न केवल नंबर है बल्कि यह फोटो युक्त भी है। ऐसे में आधार कार्ड से कनेक्ट होते ही मतदाता सूची से फर्जीवाड़ा खत्म हो जाएगा।
इवीएम पर उंगली रखते ही पकड़े जाएंगे फर्जी मतदाता
आधार कार्ड से कनेक्ट होते ही कोई भी फर्जी व्यक्ति किसी के कार्ड से वोट नहीं कर पाएगा। फोटो से भी छेड़छाड़ हो सकती है लेकिन उंगली के निशान से वह पकड़ा जाएगा।
यदि मतदाता पहचान पत्र पर फर्जी वोट डालने पहुंच भी जाए तो, इवीएम पर उंगली रखते ही मशीन से बीप की बजाय कैंसिलेशन की आवाज आएगी।