गाजियाबाद में नगर निगम की नई हाउस टैक्स नीति लागू की जाएगी। एक दशक पुरानी टैक्स नीति से निगम के साथ ही शहर के लोगों का भी नुकसान हो रहा है।
नई नीति लागू हो जाने से जहां लोगों को टैक्स कम देना होगा, वहीं पर निगम को भी ज्यादा धनराशि मिल सकेगी। नगर आयुक्त ने नई नीति लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है।
नगर निगम की हाउस टैक्स नीति एक दशक पुरानी है। इसमें टैक्स प्रक्रिया उलझी हुई है। ऐसे में एक ओर जहां लोगों को टैक्स देने में परेशानी होती है, वहीं निगम को टैक्स की पूरी धनराशि नहीं मिल पाती।
औद्योगिक क्षेत्रों पर तो टैक्स की ज्यादा मार पड़ती है। गाजियाबाद नगर निगम अभी तक पुरानी टैक्स नीति पर ही काम कर रहा है। नगर आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि नई नीति लागू करने की तैयारियां शुरू कर दी गई है।
इसका सबसे ज्यादा फायदा औद्योगिक क्षेत्र को होगा। इससे जहां लोगों को टैक्स देने में राहत मिलेगी, वहीं पर निगम की आय भी बढ़ेगी। हाउस टैक्स का ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाएगा।
इसके साथ ही शहर के सभी मकानों, दुकानों, कारखानों का क्षेत्रफल, अनुमानित कीमत और टैक्स पोर्टल पर दिखाई देगा, सभी संस्थानोें, प्रतिष्ठानों और आवासों के टैक्स जमा करने का विवरण भी ऑनलाइन दिया जाएगा। इसके साथ ही टैक्स की धनराशि निर्धारित करने की प्रक्रिया पोर्टल पर देखी जा सकेगी।