हरियाणा विधानसभा चुनाव में बुधवार को हुए मतदान में जिला प्रशासन के सभी दावे फेल हो गए। पूरे जिले में 80 फीसदी मतदान का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। देर शाम तक पूरे जिले में 68 फीसदी मतदान हुआ, जो लक्ष्य से करीब 12 फीसदी कम था। पूरे प्रदेश में हुए सबसे कम मतदान में फरीदाबाद के बाद गुड़गांव नीचे से दूसरे पायदान पर था। लोकसभा चुनाव के मुकाबले में तीन फीसदी कम मतदान हुए।
सुबह सात बजे चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी लोगों में उत्साह में कमी दिखाई दी। मतदाता जागरूकता का असर मतदाताओं पर नहीं हुआ। 80 फीसदी से अधिक साक्षरता दर वाले गुड़गांव विधानसभा जिले में मतदान करने में सबसे फिसड्डी रहा। महज 63.5 फीसदी मतदान हुए। जबकि पूरे प्रदेश में सबसे अधिक मतदाता वाला बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र भी गुड़गांव जिले के तीसरे नंबर पर रहा। यहां 66.9 फीसदी मतदान हुए।
मतदान फीसदी में गिरावट के लिए जिला प्रशासन का उदासीन रवैया भी जिम्मेवार है। लोकसभा की तुलना में इस बार निर्वाचन विभाग ने देर से जागरूकता अभियान शुरू किया था। साइन नेहवाल और मेघना मलिक स्टारर होर्डिंग भी इस बार गायब रही। वोटिंग ताऊ भी लोगों के बीच देर से पहुंचे। पॉश इलाके के लोगों के बीच पहुंचने के लिए प्रचार-प्रसार केवल राहगीरी तक सीमित रही।
प्रशासन ने जिले में रह रहे स्टार क्रिकेटर युवराज सिंह, फिल्म स्टार राज कुमार राव सरीके फिल्म स्टार या अन्य खिलाड़ियों को भी अप्रोच करने की जहमत नहीं उठाई। प्रचार के प्रभाव से दूर इंडस्ट्रीयल हब होने की वजह से लोगों ने अपनी सहूलियत के हिसाब से वोट देने पहुंचे।
सुबह सात बजे पॉश इलाके में लोग मतदान करने पहुंचे, लेकिन मतदान की गति धीमी रही। सुबह नौ बजे तक महज दशमलव दो फीसदी मतदान हुए। इसके बाद मतदान ने गति पकड़ी और सुबह 11 बजे के बाद करीब आठ फीसदी की दर से मतदान हुआ। पल-पल मतदान के साथ प्रत्याशियों की तकदीर ईवीएम में कैद होते गई। शाम चार बजे के बाद मतदान फीसदी की गति धीमी होती गई।