क्षेत्र पंचायत चुनाव में पत्नी ने जीत हासिल की तो पति की मारे खुशी के जान जाते-जाते बची। पत्नी की जीत की खबर सुनकर पति को हार्ट अटैक पड़ गया।
समय रहते परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। इलाज के बाद हालत में सुधार होने पर देर शाम तक डॉक्टरों ने उन्हें घर भेज दिया।
मामला क्षेत्र पंचायत के वार्ड-1 मानकी गांव की है। यहां किसान बृजेश कुमार शर्मा की पत्नी सुरेंद्री चुनाव मैदान में थीं। कई धुरंधर प्रत्याशियों के सामने होने की वजह से चुनावी जंग बेहद मुश्किल थी।
राजनीति के दांवपेंच से अनजान और जीवन में पहली बार चुनाव लड़ीं सुरेंद्री को भी जीत की उम्मीद कम ही थी। यही वजह थी कि प्रत्याशी सुरेंद्री और उनके पति बृजेश कुमार मतगणना स्थल पर भी नहीं पहुंचे थे।
रविवार को मतगणना के दौरान लोकमान्य तिलक इंटर कालेज में मतपेटियां खुलीं तो सुरेंद्री के लिए वोट मानों बरसने लगीं। सुरेंद्री ने शुरू से ही बढ़त बनाए रखी।
दोपहर करीब 12 बजे निर्वाचन अधिकारी ने माइक से सुरेंद्री की जीत की घोषणा की तो उनके एजेंटों ने सुरेंद्री और उनके पति बृजेश को सूचना देकर बुलाया। चुनावी नतीजों को सुनकर सुरेंद्री और पति बृजेश कुमार की खुशी का ठिकाना न रहा।
बिना राजनीतिक पकड़ वाले एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले बृजेश इस कदर खुशी में डूबे कि उन्हें हार्ट अटैक पड़ गया।
बृजेश की हालत खराब देख पत्नी सुरेंद्री और परिजन जीत का प्रमाण पत्र लेने की बजाय बृजेश को लेकर अस्पताल की ओर दौड़े।
अस्पताल में बृजेश की हालत में सुधार आया तो सुरेंद्री ने दोबारा मतगणना स्थल पहुंच निर्वाचन अधिकारी से प्रमाण पत्र हासिल किया।
सुरेंद्री का कहना है कि पति की प्रेरणा की वजह से ही उन्होंने चुनाव लड़ा और उन्हीं की मेहनत का परिणाम रहा कि उन्हें क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर जीत मिली।