दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार 3 अक्तूबर को एक 28 वर्षीय दवा कंपनी के कर्मचारी को गंभीर रूप से झुलसी हालत में सफदरजंग अस्पताल लाया गया और उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया। उसी दिन अंबेडकर नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार वह व्यक्ति दिनेश था। जांच में पता लगा कि पत्नी ने सुबह करीब 3 बजे सोते समय उस पर गर्म तेल डाल दिया। उस समय घर में दंपती की आठ साल की बेटी भी मौजूद थी।
दिनेश ने पुलिस को बताया कि वह 2 अक्तूबर को काम से देर रात घर लौटा, खाना खाया और सोने चला गया। उसने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि पत्नी और बेटी पास में ही सो रही थीं। लगभग सवा तीन बजे मुझे अचानक पूरे शरीर में तेज़ जलन महसूस हुई। मैंने देखा कि मेरी पत्नी खड़ी होकर मेरे धड़ और चेहरे पर खौलता हुआ तेल डाल रही है। इससे पहले कि मैं उठ पाता या मदद के लिए पुकार पाता, उसने मेरे जले हुए हिस्से पर लाल मिर्च पाउडर छिड़क दिया। जब उसने विरोध किया तो उसकी पत्नी ने पलटकर कहा कि अगर शोर मचाया तो और गरम तेल डाल दूंगी। लेकिन दिनेश दर्द के चलते अपनी चीखें नहीं रोक सका।
पड़ोसी बचाने आए-
शोर सुनकर पड़ोसी और नीचे वाली मंजिल पर रहने वाले उसके मकान मालिक का परिवार दौड़कर घर पहुंचा। मकान मालिक की बेटी अंजलि उन लोगों में से एक थी जो दौड़कर उसे देखने आई। उसने बताया कि मेरे पिता ऊपर गए और देखा कि क्या हो रहा है। दरवाजा बंद था। उनकी (पीड़ित) पत्नी ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया था। हमने उनसे दरवाजा खोलने को कहा। जब दरवाजा खुला तो हमने देखा कि वह दर्द से तड़प रहे थे और उनकी पत्नी घर के अंदर छिपी हुई थी।
अस्पताल में भर्ती कराया-
अंजलि ने बताया कि जब उनके पिता ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो महिला ने उन्हें बताया कि वह अपने पति को अस्पताल ले जा रही है। लेकिन जब वह उनके साथ बाहर आईं तो वह विपरीत दिशा में चली गईं। हमें शक हुआ। मेरे पिता ने उन्हें रोका, एक ऑटो का इंतजाम किया और दिनेश को अकेले अस्पताल ले गए। दिनेश को पहले पास के एक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसके सीने, चेहरे और हाथों पर गहरे जले हुए निशान देखकर डॉक्टरों ने उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में उसकी चोटों को खतरनाक बताया गया है।
शादी को आठ साल हो चुके हैं
पीड़ित के अनुसार दंपती की शादी को आठ साल हो चुके हैं और उनके रिश्ते में खटास आ गई है। दो साल पहले उसकी पत्नी ने सीएडब्ल्यू प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन मामला समझौते के जरिए सुलझ गया था। दिनेश की पत्नी पर बीएनएस की धारा 118 (खतरनाक हथियारों या साधनों से जानबूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना), 124 (तेजाब से जान-बूझकर गंभीर चोट पहुंचाना) और 326 (चोट पहुंचाना, पानी में डुबोना, आग लगाना या विस्फोटक पदार्थ आदि से नुकसान पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पत्नी को बुधवार शाम तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका था।