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हाईकोर्ट के आदेश पर पहले पति से मिली युवती, माता-पिता ने करा दी थी कहीं और शादी

Fri, 26 Jul 2019 06:50 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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delhi high court
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हाईकोर्ट के दखल के बाद एक युवती दूसरी अवैध शादी के चंगुल से मुक्त हो पाई है। युवती के माता-पिता ने जबरन उसकी दूसरी शादी कर दी थी, जबकि वह पहले ही प्रेम विवाह कर चुकी थी। हाईकोर्ट ने उसे पहले पति के पास जाने की अनुमति दी है। 

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न्यायमूर्ति मनमोहन व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि युवती बालिग है और वह जिसके साथ चाहे रह सकती है। वह अपने पहले पति के पास जा सकती है। हाईकोर्ट ने यह फैसला युवती के पहले पति की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनाया है। 


कोर्ट ने एसएचओ थाना सरिता विहार को दंपति के जान-माल की सुरक्षा करने का आदेश दिया है। युवती ने जून 2019 में धर्म परिवर्तन कर अन्य धर्म के युवक से प्रेम विवाह किया था, लेकिन माता-पिता को यह रिश्ता स्वीकार नहीं था। 
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इसलिए उन्होंने जबरन उसकी दूसरी शादी करा दी थी। युवती के पहले पति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उसे कोर्ट में पेश कराने का आग्रह किया था। कोर्ट ने युवती को पेश किए जाने के बाद उससे बात की। युवती ने मजूबती से अपने फैसले का समर्थन किया और पहले पति के साथ जाने की इच्छा जाहिर की। 

हाईकोर्ट ने उसके माता-पिता से भी बात की और यह आश्वासन दिया कि वह दंपति को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। कोर्ट ने कहा कि संबंधित पुलिस अधिकारी युवती व उसके पति के निवास स्थान पर जाएंगे और उन्हें अपना फोन नंबर देंगे, ताकि खतरे की स्थिति में वह उससे संपर्क कर सकें।

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