नोएडा के रबूपुरा में तीन महीने पहले गांव मिर्जापुर निवासी किसान विजयपाल की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। हत्या कराने का आरोप उसकी पत्नी और बेटे पर है।
बलराम गैंग को चार लाख की सुपारी देकर हत्या कराई गई। हत्या के पीछे कारण बताया गया है कि जमीन अधिग्रहण में मिली मुआवजे की राशि को विजयपाल मथुरा जिले की किसी महिला पर खर्च कर रहा था। पुलिस ने आरोपी पत्नी, बेटे और एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया।
फरार तीन बदमाशों की तलाश जारी है। शनिवार को एसओ अजय कुमार ने बताया कि 2 अगस्त को विजयपाल का शव मेरठ स्थित एक नाले में पड़ा मिला था। विजयपाल के भाई अजयपाल ने उसके बेटे विनोद के ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाकर पांच लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विवेचना में पता चला कि एक अगस्त को खुर्जा निवासी शादाब ने विजयपाल को फोन कर रबूपुरा स्थित पुराने बस अड्डे बुलाया था, जहां से उसे अगवा करके मेरठ ले जाया गया था।
वहां बलराम गैंग के गुर्गे मेरठ निवासी अजय उर्फ लाड़े और विपिन के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव नाले में फेंक दिया था।
मुआवजे का पैसा दूसरी महिला पर खर्च करता था
पुलिस ने विजयपाल की पत्नी अमरवती, बेटे विनोद को हत्या की साजिश रचने और हत्या के आरोप में बलराम गैंग के खुर्जा निवासी बदमाश शादाब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में बलराम ठाकुर को भी हत्या की साजिश का आरोपी बनाया है।
पुलिस के मुताबिक, विजयपाल की जमीन का अधिग्रहण हुआ था, जिसका करीब 80 लाख रुपये का मुआवजा मिला था। इसमें से 35 लाख की उसने मथुरा जिले के थाना छाता के गांव तरौली में 18 बीघा जमीन खरीदी थी।
आरोप है कि वह जब जमीन की देखभाल करने तरौली जाता तो इसी बीच एक महिला से उसके अवैध संबंध बन गए। विजयपाल उस महिला पर खूब पैसे उड़ाने लगा। यह बात उसकी पत्नी और बेटे को रास नहीं आई।
पुलिस को भी किया गुमराह
पत्नी और बेटे ने विजयपाल को मारने की साजिश रच डाली। उन्होंने खुर्जा निवासी अपने दामाद के दोस्त शादाब को इस बारे में बताया। शादाब लूट के एक मामले में जमानत पर है। उसने मां-बेटे की मुलाकात बुलंदशहर जेल में बंद बलराम ठाकुर से कराई। सौदा 4 लाख्ा में तय हुआ।
11 जुलाई को विजयपाल खेत से लौट रहा था। शादाब और बलराम गैंग के सदस्य ने उस पर गोली चला दी। उसके हाथ में गोली लगी और वह बच गया। विजयपाल ने बेटे विनोद की ससुराल पक्ष पर हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विजयपाल का शव मेरठ में मिलने के बाद परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर यहां कोतवाली में शव रखकर रातभर हंगामा किया था। उन पर किसी को शक न हो इसके लिए विनोद की ससुराल वालों पर हत्या करने का आरोप लगा दिया।