दिल्ली कैंट थाना क्षेत्र में एक फैक्ट्री में काम के दौरान कारीगर की मौत हो गई। इसके बाद सदमे में उसकी पत्नी ने तेजाब पीकर जान दे दी।
पुलिस ने लापरवाही बरतने के आरोप में फैक्ट्री मालिक अरविंदर सिंह (42) को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को डीडीयू में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने दोनों शव परिजनों को सौंप दिए। परिजन शव लेकर बुलंदशहर स्थित गांव ले गए।
एक साथ दो मौतों से घर में कोहराम मचा हुआ है तो वहीं, बच्चों का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
ऐसे हुआ दर्दनाक हादसा
पुलिस के मुताबिक मूल रूप से गांव रहीमकोट, पीएस ढिबाई, बुलंदशहर निवासी रोहन सिंह (45) द्वारका सेक्टर-14, विकास विहार, ककरौला में रहता था।
परिवार में पत्नी आशा देवी के अलावा तीन बेटे सचिन (20), कपिल (17) और चंद्रमोहन (14) हैं। रोहन गोपीनाथ मार्केट में फैंसी लाइट बनाने की एक फैक्ट्री में काम करता था।
सोमवार सुबह वह स्पिनिंग मशीन पर काम कर रहा था। करीब 11:00 बजे मशीन से लकड़ी का पहिया टूटकर रोहन के सिर पर जा लगा। फैक्टरी मालिक रोहन को पहले दिल्ली कैंट अस्पताल ले गया। बाद में उसे डीडीयू अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रोहन को मृत घोषित कर दिया।
सदमे में पी लिया तेजाब
पति की मौत की खबर मिलते ही आशा देवी (40) अस्पताल पहुंची। वहां अरविंदर ने उससे घर जाने के लिए कहा। बताया गया है कि घर लौटने के बाद दोपहर को आशा ने तेजाब पी लिया।
बच्चों ने गंभीर हालत में मां को डीडीयू अस्पताल में भर्ती कराया। देर रात करीब 11:30 बजे आशा की भी मौत हो गई। रोहन के बेटे सचिन ने फैक्ट्री मालिक पर मां को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया।
बच्चों ने उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारी ने मामले की छानबीन की बात कही है।
अनाथ हो गए बच्चे
डीडीयू अस्पताल की मोर्चरी में बुधवार को कोहराम मचा था। एक साथ दो लोगों की मौत से परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल था। सिर से माता-पिता का साया उठने से तीनों बेटों की आंखों से आंसू रुकने के नाम नहीं ले रहे थे। रिश्तेदार उन्हें सांत्वना दे रहे थे।
रोहन के भाई नेम सिंह ने बताया कि रोहन का बड़ा बेटा सचिन डीयू से बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र है। कपिल ने इसी साल 12वीं कक्षा की परीक्षा दी, जबकि छोटा बेटा चंद्रमोहन नौंवी कक्षा में है। मोर्चरी के बाहर आशा की बुजुर्ग मां रोते-रोते बार-बार बेहोश हो रही थी।
सभी उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे थे। सचिन ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री मालिक अरविंदर सिंह अगर मां को नहीं धमकाता नहीं तो शायद उसके सिर पर कम से कम मां का साया तो रहता।