नरगिस की मौत के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। उसने सुसाइड नहीं किया था, पति इरफान ने उसकी हत्या की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला है कि नरगिस की मौत गला घोंटने से हुई थी।
पुलिस को गुमराह करने के लिए इरफान ने नरगिस के नाम से सुसाइड नोट लिखा और उसके अंदरूनी कपड़ों में रख दिया। पुलिस की लापरवाही के चलते दो दिन बाद पोस्टमार्टम के दौरान सुसाइड नोट मिला।
पुलिस ने इरफान को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो कुछ ऐसा खुलासा हुआ जिससे पुलिस भी हैरान रह गई और सारी घटना सामने आ गई।
पति को पसंद नहीं करती थी नरगिस
इरफान ने बताया कि नरगिस उसे पसंद नहीं करती थी, उनमें झगड़ा रहता था। परेशान करने को दो दिन पहले नरगिस ने सोते वक्त उसके सिर के बाल कैंची से काट दिए थे। इससे वह नाराज था।
सीओ द्वितीय विजय प्रताप यादव ने बताया कि इस मामले में नरगिस के पति, सास खुशनुमा और ससुर आस मोहम्मद के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। तीनों को बुधवार को जेल भेज दिया गया। वे इसे सुसाइड केस बता रहे थे।
मंगलवार को पोस्टमार्टम के दौरान नरगिस के अंदरूनी कपड़ों से सुसाइड नोट निकला, जिसमें लिखा था कि ‘मैं जो कर रही हूं, अपनी मरजी से कर रही हूं। मुझपे किसी ने कुछ नहीं कहा। इन में से किसी का कोई दोस नहीं..नरगीश।’
जरा-जरा सी बात पर देती थी ताने
गौरतलब है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नरगिस की मौत की वजह गला घोंटना पाई गई तो सुसाइड नोट पर संदेह हुआ। आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो खुलासा हो गया।
आरोपी ने बताया कि नरगिस उसे पसंद नहीं करती थी, ज्यादा समय मायके दनकौर में रहती थी। जरा जरा सी बातों पर ताने मारती थी, इन वजहों से वह डिप्रेशन में रहता था।
12 सितंबर को भी नरगिस से कहासुनी हो गई तो गुस्से में उसने नरगिस का गला घोंटकर हत्या कर दी। अगले दिन सुबह सुसाइड बताकर मामले की सूचना पुलिस को दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि नरगिस की हत्या 12 सितंबर की रात करीब 10 बजे के आसपास की गई थी।
पुलिस की लापरवाही से हुई देरी
नरगिस की मौत के बाद पंचनामा भरने गए पुलिसकर्मियों ने भी लापरवाही बरती। सुसाइड नोट भी पुलिस बरामद नहीं कर पाई। जबकि महिला के शव का पंचनामा भरने के दौरान महिला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहते हैं।
सुसाइड नोट में गलत नाम लिखने से हुआ शक
नरगिस के पिता निजामुद्दीन ने बताया कि नरगिस की शादी मार्च 2013 में इरफान से हुई थी। इनकी एक पांच माह की एक बेटी है। नरगिस 8वीं पास थी, वह अपना नाम अच्छी तरह लिख लेती थी, जबकि इरफान अनपढ़ है। वह टूटी फूटी हिंदी लिख पाता है। सुसाइड नोट में वह नरगिस का नाम भी सही से नहीं लिख पाया। गलत नाम लिखा होने से सुसाइड नोट की सच्चाईऱ् पता चली। उनका कहना तो यह भी है कि नरगिस की हत्या के बाद आरोपी शव को भी ठिकाने लगाना चाहते थे, लेकिन आस पड़ोस में लोगों को आता जाता देखकर वह शव नहीं ले जा पाए।