काम के सिलसिले में उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से फरीदाबाद जा रहे पति द्वारा साथ ले जाने से इनकार करने पर नाराज पत्नी ने शनिवार रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पत्नी के इस कदम से सब लोग हैरत में हैं।
ग्राम जखौरा निवासी चंद्रभान अहिरवार फरीदाबाद में रहकर एक ठेकेदार के पास मुनीम का काम करता है। कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन की वजह से पिछले दिनों सारे काम ठप हो गए थे। इस पर वह भी अपने गांव आ गया था। तीन महीने से वह अपने गांव में ही पत्नी भारती और बच्चों के साथ रह रहा था।
भारती का मायका झांसी के नगरा में है। शनिवार को दिन में ठेकेदार ने उसे वापस बुलाने के लिए फोन किया, जिसपर वह अकेले फरीदाबाद जाने के लिए तैयारी करता रहा। शाम को उसे फरीदाबाद के लिए निकलना था।
पत्नी भारती ने पति से उसे और बच्चों को भी साथ लेकर चलने के लिए कहा। इसपर उसने साथ ले जाने से इनकार कर दिया। उसका कहना था कि कोरोना संक्रमण खत्म होने के बाद जब हालात सामान्य हो जाएंगे तो वह उन्हें साथ ले जाएगा। इससे वह नाराज हो गई।
पति ने बताया कि इसके बाद वह कमरे में चली गई। अंदर से दरवाजा भी बंद कर लिया। जब उसने कमरे का दरवाजा खटखटाया तो कोई आवाज नहीं आई। खिड़की से अंदर झांककर देखा तो वह फांसी के फंदे से लटक रही थी।
इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। थाना प्रभारी विवेक कुमार मौर्य ने पहुंचकर शव को फंदे से नीचे उतरवाया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आत्महत्या करने की जानकारी मिलते ही उसके मायके वाले भी पहुंच गए।