दिल्ली सरकार ने बुधवार को नाइट शेल्टर के मुद्दे पर दायर याचिका की सुनवाई के दौरान कहा कि राजधानी में ज्यादातर बेघर नाइट शेल्टर में जाना नहीं चाहते साथ ही कहा कि कई ड्रग लेने के आदी हैं। दिल्ली सरकार की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने इस मुद्दे पर फैसला सुरक्षित रख लिया।
बता दें कि हाईकोर्ट ने मीडिया में छपी खबरों के आधार पर संज्ञान लेते हुये दिल्ली सरकार व संबंधित विभागों को नाइट शेल्टर बनाने का निर्देश दिया था। मुख्य न्यायमूर्ति जी. रोहिणी व न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की खंडपीठ के समक्ष दिल्ली सरकार ने कहा कि दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (ड्यूसिब) व एनजीओ ने राजधानी के बारह स्थानों पर निरीक्षण किया।
इस दौरान पाया कि बेघर लोग नाइट शेल्टर में जाना नहीं चाहते। हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार व एनजीओ शहरी अधिकार मंच बेघरों के लिये को नाइट शेल्टर के प्रस्तावित स्थानों का दौरा कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने सभी स्थानों का दौरा न करने के लिये एनजीओ अधिकारी इंदू प्रकाश को फटकार लगाई।