मेवात के रोजका मेव थाने में दर्ज एक अपहरण के मामले में शनिवार को नया मोड़ आया है। इस मामले की शिकायत पीड़िता ने जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार के पास दर्ज कराई है।
शिकायत के अनुसार बीते 25 अगस्त को रोजका मेव थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार एक नाबालिग अपनी छोटी बहन के साथ अपने खेतों में चारा लेने गई थी। वहां उसे आरोपी फकरू, अली उर्फ अलीजान, इकबाल, इरफान और मुस्तफा ने घेर लिया।
यह पीड़िता के रिश्तेदार हैं। यहां उसके सामूहिक दुष्कर्म किया गया। छोटी बहन तब्बसुम ने परिजनों को घर जाकर इस वारदात की जानकारी दी। परिजन जब मौके पर पहुंचे तब आरोपी पीड़िता को गाड़ी में डालकर गांव कोराली लेकर भाग गए। परिजनों ने मौके पर मुस्तफा और इरफान को पकड़ लिया।
पीड़िता का आरोप है कि रात को रमजान ने एक कमरे में उसे बंद कर बंदूक की नोंक पर डराया और उसे खिलाफ बयान देने पर परिवार को जान से मार देने की धमकी दी।
आईजी ने दिया था मेडिकल कराने का आदेश
इसी वजह से पीड़िता ने अदालत में आरोपियों के पक्ष में बयान दिए। अदालत ने पीड़िता को नारी निकेतन करनाल भिजवा दिया। 31 अगस्त को पीड़िता को पुलिस ने दोबारा अदालत के सामने पेश किया तो उसने अपने परिवार के साथ जाने की इच्छा जताई।
एक सितंबर को परिवार से मिलने के बाद पीड़िता इस मामले में परिजन संग आईजी से मिली। उन्होंने जांच अधिकारी से मिलने का निर्देश दिया। जांच अधिकारी से उन्होंने उसका मेडिकल कराने की बात कही तो उसने साफ इंकार कर गया।
परिजनों ने अब सचिव से मेडिकल कराने और विभिन्न धाराओं में सामूहिक यौन शोषण का मामला दर्ज करने की मांग की है। सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग भी की।
जानिए क्या है पूरा मामला?
पीड़िता के पिता ने रोजका मेव थाने में अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण का कुछ लोगों पर आरोप लगाया था। बाद में पुलिस ने नूंह में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने आरोपियों के पक्ष में पीड़िता के बयान दर्ज कराए थे।
अदालत ने तब उनको परिजनों की बजाए नारी निकेतन मधुबन करनाल भेज दिया था। 31 अगस्त को अदालत ने पीड़िता की इच्छा पर उसे परिजनों के साथ भेज दिया।
अब इस मामले में नया मोड़ आया है। उधर इस मामले पर एसएचओ रोजका मेव और जांच अधिकारी से बात करके उनका पक्ष ज्ञात करने का प्रयास किया गया मगर समाचार भेजे जाने तक पक्ष ज्ञात नहीं हो पाया।