आम आदमी पार्टी (आप) ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल पर हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि मोदी के मुख्यमंत्री रहते हुए गुजरात में आनंदी बेन पटेल की बेटी अनार पटेल के व्यावसायिक साझीदारों को करोड़ों की जमीन कौड़ियों में दे दी गई, जबकि उसी इलाके की एक गौ सेवा ट्रस्ट को जमीन काफी महंगी दर पर दी गई।
मामले की जांच के लिए पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक एसआईटी गठित करने के साथ ही गुजरात की मुख्यमंत्री का इस्तीफा भी मांगा। इसके अलावा आप ने गुजरात सरकार से आठ सवाल भी पूछे।
मीडिया से बात करते हुए पार्टी नेता राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि 2011 में गुजरात के अमरेली जिले में जिस वक्त अनार पटेल को 15 रुपये/ वर्ग मीटर की दर से जमीन दी गई, उसी वक्त उसी इलाके में गौ सेवा ट्रस्ट को 671 रुपये/वर्ग मीटर की कीमत पर दी गई।
मामले में प्रधानमंत्री की भूमिका संदिग्ध है
उस समय स्टांप ड्यूटी 180 रुपये/वर्ग मीटर थी। यह सार्जवनिक जमीन की जबरदस्त लूट का मामला है। वहीं, आशुतोष ने कहा कि इतनी बड़ी लूट तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की सहमति के बगैर नहीं हो सकती।
उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में प्रधानमंत्री की भूमिका संदिग्ध है। ऐसे में मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक एसआईटी का गठन हो।
वहीं, जांच पूरी होने तक गुजरात की मुख्यमंत्री इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को मामले में अपनी खामोशी तोड़नी चाहिए।
आप के ये हैं आठ सवाल
1. आनर पटेल के व्यावसायिक साझीदारों को किस आधार पर जमीन दी गई।
2. कीमत तय करने का तरीका क्या था।
3. एक ही इलाके में दो लोगों को दी गई जमीन के रेट में फर्क क्यों है।
4. पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन क्यों किया गया।
5. वन अधिकारी के सवाल उठाने के बावजूद वन कानूनों को क्यों अनदेखा किया गया। वन कानूनों को बदला क्यों गया।
6. कौड़ियों के भाव जमीन देने के पीछे छिपा एजेंडा क्या था।
7. अनार पटेल के बिजनेस पार्टनर को जमीन सौंपने का सरकार के पास क्या तुक था। वह भी तब, जब उन्हें होटल इंडस्ट्री और रिसॉर्ट चलाने का कोई तर्जुबा नहीं है।
8. तयशुदा समय में जमीन का इस्तेमाल न होने पर आवंटियों को आवंटन रद्द करने का नोटिस क्यों नहीं दिया गया।