द्वारका सेक्टर-23 में रिश्ते के नाबालिग चाचा ने फिरौती के लिए अपने नौ साल के भतीजे ललित उर्फ लक्की (9) को अगवा करने के बाद उसकी हत्या कर दी।
बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस छानबीन करते हुए आरोपी चाचा व उसके दूसरे नाबालिग साथी तक पहुंच गई। पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि शराब के लिए उन्हें रुपयों की जरूरत थी, ऐसे में उन्होंने मासूम को अगवा कर फिरौती मांगने की योजना बनाई थी।
बाद में गिरफ्तारी के डर से धारदार हथियार से गला रेतकर बच्चे की हत्या कर दी। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने द्वारका सेक्टर-23 के पास बने ईडब्ल्यूएस फ्लैट से ललित का शव बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को बाल न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
ललित पास के एक स्कूल में तीसरी कक्षा का छात्र था
पुलिस के मुताबिक ललित पोचनपुर गांव में रहता था। परिवार में पिता प्रदीप सहरावत, मां व एक बड़ी बहन हैं। ललित पास के एक स्कूल में तीसरी कक्षा का छात्र था।
रविवार रात को वह घर के पास खेल रहा था और वहीं से गायब हो गया। काफी तलाश करने के बाद रात करीब 10:30 बजे परिवार ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दी।
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि ललित को आखिरी बार उसके रिश्ते के नाबालिग चाचा के साथ देखा गया था। पुलिस ने इसी आधार पर नाबालिग से पूछताछ शुरू की।
दोस्त के साथ मिलकर ललित की हत्या की बात कबूल की
सोमवार और मंगलवार को वह पुलिस को घुमाता रहा, लेकिन शाम को उसने नाबालिग दोस्त के साथ मिलकर ललित की हत्या करने की बात कबूल कर ली।
इसके बाद पुलिस ने दूसरे आरोपी को भी पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि रिश्ते का चाचा बच्चे को अपनी गर्लफ्रेंड से मिलाने की बात कहकर साथ ले गया था।
ललित को अगवा करने के बाद दोनों फिरौती मांगने की योजना ही बना रहे थे। इस बीच पुलिस को उन पर शक हो गया। दोनों बच्चे के परिजनों को कॉल भी नहीं कर पाए।