गाजियाबाद में जिस तेजी से प्रेमी-युगल के भागने के मामले सामने आ रहे हैं, उससे यह हालात किसी भी घर में आ सकते हैं। निश्चित ही जिसे पाल पोसकर बड़ा किया, उसके अचानक ऐसा कदम उठाने से पैरेंट्स का टूट जाना लाजिमी है।
मगर ‘प्यार’ का यह खेल तो रुकता ही नहीं। पड़ताल में पता चला कि पिछले एक साल में परिजनों को रोता-बिलखता छोड़ 286 लड़कियां घर से प्रेमियों संग भागी हैं।
वे वेलेंटाइंस-डे पर मोहब्बत का इजहार कर रही होंगी, तो दूसरी तरफ उनके परिजन बेबसी और आंसुओं से अपनी लाचारी बयां कर रहे हैं। लड़कियों के अपहरण के मुकदमे साल-दर-साल बढ़ रहे हैं।
वर्ष 2012 में 245 मामले थे तो 2011 में 231 लड़िकियां। ये तो वो हैं जो पुलिस फाइलों में दर्ज हैं, ऐसे भी बहुत मामले हैं जो या तो पुलिस तक पहुंचते ही नहीं, या उनमें परिवारवाले आपसी सलाह-मशविरे से कोई सार्थक हल निकाल लेते हैं।
पुलिस की रहेगी निगाह
वेलेंटाइन्स डे पर सार्वजनिक स्थानों पर इश्क फरमाने या जबरदस्ती करने वाले सोच लें। उन पर सरेआम जूतम-पैजार भी हो सकती है और जाना पड़ेगा जेल, सो अलग। पुलिस उन पर निगाह रखे हुए हैं। सादी वर्दी में महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को लगाया है। एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत करने वालों पर कार्रवाई करेगी।