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यूपी में छह गांवों के लोगों ने क्यों लिखवाया, हमारे मकान 'बिकाऊ हैं'

Fri, 19 May 2017 12:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, लोनी
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डेमो पिक
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लोनी के छह गांवों के किसानों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसानों ने अपने घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ हैं’ के बोर्ड लगा दिए हैं। भूमि अधिग्रहण के मुआवजा की मांग को लेकर लड़ रहे किसानों का आरोप है कि उनके नेता मनवीर तेवतिया का गाजियाबाद में प्रवेश रोक दिया गया है। इसलिए वह मनवीर तेवतिया के बिना प्रशासन से कोई वार्ता नहीं करेंगे।
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बृहस्पतिवार को किसानों और प्रशासन की वार्ता होनी थी, जिसमें कुछ किसानों ने प्रशासन से मीटिंग की, लेकिन ज्यादातर किसान मुंह पर काली पट्टी बांधकर अपने घरों के सामने ही धरने पर बैठ गए । प्रशासन ने तनाव बढ़ता देख मनवीर तेवतिया समेत तीस के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गॉव में भारी पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है। 

किसानों का कहना है कि उनके नेता की एंट्री पर प्रतिबंध लगाकर प्रशासन ने किसानों का अपमान किया है। तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस-पीएसी बल के साथ बृहस्पतिवार की सुबह से ही प्रशासनिक अधिकारी मंडोला गांव में कैंप किए हुए हैं।
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दो दिसंबर से लोनी क्षेत्र के गांव मंडोला, नानू, पंचलोक, नवादा, मिलक आदि के ग्रामीण प्रदेश सरकार की भूमि अधिग्रहण नीतियों के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। इस दौरान किसानों ने सीरिज में धरना प्रदर्शन, कैंडल मार्च, आमरण अनशन भी किया था मगर कोई हल नहीं निकला।

इसी क्रम में किसानों ने बृहस्पतिवार को किसान नेता मनवीर तेवतिया की अगुवाई में शांति मार्च निकालने की योजना बनाई थी। कार्यक्रम लगभग तय हो चुका था मगर इससे पूर्व ही डीएम मिनिस्ती एस. ने एसपी ग्रामीण और खुफिया विभाग की रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए शांति व्यवस्था के लिए मनवीर तेवतिया की गाजियाबाद में एंट्री 30 जून की रात 12 बजे तक प्रतिबंधित कर दी।

प्रशासन के इस आदेश की खबर जैसे ही स्थानीय किसानों को हुई उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। किसानों की मांग है कि उनके नेता पर लगाए गए प्रतिबंध को तत्काल समाप्त किया जाए। किसानों ने अपने घरों पर ‘किसानों के मकान बिकाऊ हैं’ के साथ ‘डीएम जाओ-तेवतिया को वापस लाओ’ जैसे नारे लिख दिए हैं।

नाराज किसानों का कहना है कि यदि सोमवार तक वार्ता नहीं हुई तो मंगलवार सुबह किसान मकान खाली कर लोनी से कहीं और जाकर बस जाएंगे।

मनवीर तेवतिया समेत 30 पर एफआईआर, हो सकती है गिरफ्तारी

डेमो पिक
आवास विकास परिषद के खिलाफ किसानों का विरोध देखते हुए बृहस्पतिवार को प्रशासन ने मनवीर तेवतिया समेत 30 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इनमें पांच नामजद हैं जबकि 25 अज्ञात हैं। उधर, किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद से किसानों में रोष बढ़ गया है।

लोनी के एसडीएम प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि मनवीर तेवतिया भटोना थाना गुलावठी जिला बुलंदशहर, नीरज त्यागी, नवीन त्यागी, महेंद्र मास्टर, शिव कुमार निवासी मंडोला और इनके 20-25 साथियों ने किसानों को भड़काने का काम किया है। इससे आवास विकास परिषद का काम प्रभावित हुआ है।

एसडीएम ने बताया कि इस मामले में आवास एवं विकास परिषद के एक्सईएन एलडी पांडेय की ओर से ट्रोनिका सिटी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। ट्रॉनिका सिटी थाना एसएचओ प्रशांत मिश्रा का कहना है कि अज्ञात लोगों को चिंहित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जबकि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

ग्राम प्रधान को नोटिस जारी
डीएम ने बुधवार शाम गांव मंडोला की प्रधान सरिता को नोटिस जारी किया है। नोटिस में ग्राम प्रधान पर किसानों को भड़काकर आवास विकास परिषद के काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए शहर की शांति भंग होने की आशंका जताई है।
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चंद किसानों के साथ बैठक कर जिला प्रशासन खुश

डेमो पिक
गाजियाबाद। मंडोला विहार आवासीय योजना से प्रभावित किसानों के साथ बृहस्पतिवार दोपहर प्रशासनिक अफसरों ने बैठक की। करीब ढाई घंटे तक चली इस वार्ता को प्रशासन सफल बता रहा है जबकि वार्ता में शामिल विभिन्न गांवों के किसान प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रशासन ने खुले मंच पर उन्हें बात करने के लिए बुलाया था। डीएम के समक्ष मांगें रख दी गईं हैं, जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, विरोध जारी रहेगा।

बैठक में पंचलोक गांव से ओमकार त्यागी, मूलचंद त्यागी, महावीर त्यागी, गांव मिलक वामला से वेदप्रकाश, गांव निठौरा से करतार सिंह, गांव अगरौला से रविंद्र प्रधान, जितेंद्र बंसल, गांव मंडोला से राजवीर त्यागी और देवेंद्र त्यागी शामिल हुए। किसानों का कहना है कि वह अपना पक्ष रख आए हैं। उन्होंने प्रशासन अफसरों के समक्ष अपने मुआवजे और अन्य समस्याओं को उठाया। प्रशासन ने फिलहाल एक कमेटी का गठन कर उनकी मांगों की सूची तैयार की है। इस सूची को शासन को भेजा जाएगा।

बैठक में शामिल एडीएम प्रशासन ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि किसानों की प्रत्येक मांग पर विस्तार से चर्चा हुई। किसानों की मांगों के निस्तारण के लिए कार्ययोजना बनाई गई है, जिस पर किसानों द्वारा सहमति व्यक्त की गई है। इसमें प्रस्तावित डिग्री कालेज की मांग भी उठी। इस पर डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक और विद्यालय की प्रबंध समिति व आवास विकास परिषद के अफसरों को सदस्य बनाया गया है। प्रशासन की बैठक में एसएसपी एचएन सिंह, एसडीएम लोनी, एसडीएम सदर समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।

 
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