हाईकोर्ट ने बुधवार को जन्म पूर्व लिंग परीक्षण संबंधी जानकारी देने और किट बेचने वाली वेबसाइटों को ब्लॉक करने संबंधी याचिका को खारिज कर दिया। याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए मुख्य न्यायमूर्ति जी. रोहिणी व न्यायमूर्ति आरएस एंडलॉ की खंडपीठ ने कहा कि इसके लिए पहले से कानून उपलब्ध है।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता गौरव बंसल ने याचिका में जन्म पूर्व लिंग परीक्षण की जानकारी व जांच किट ऑनलाइन बेचने वाली साइटों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप सरकार पर लगाया था।
बंसल ने कहा कि अगर सरकार ने इस मामले में दखल नहीं दिया तो लिंग परीक्षण संबंधी कानून बेकार हो जाएगा। कानूनन जन्म पूर्व लिंग परीक्षण पर प्रतिबंध है। याचिका में कहा गया है कि ऐसी कई साइट हैं, जो 19 से 500 अमेरिकी डॉलर में उक्त परीक्षण किट बेच रही हैं। यह किट अमेरिका से आती हैं, जहां पर जन्म पूर्व लिंग परीक्षण वैध है।