नोएडा में गैंगरेप के आरोपी को तीन मामलों में गौतमबुद्ध नगर न्यायालय ने दोषी करार देते हुए 26 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों मामलों (तीन धाराओं) की सजा एक साथ नहीं चलने का आदेश दिया है।
आरोपी को हर मामले में अलग-अलग सजा काटनी पड़ेगी। सरकारी वकील मनोज तेवतिया ने बताया कि गिझौड़ निवासी किशोरी 24 मई 2011 को मौसी के घर सेक्टर 40 गई थी।
जब वह रिक्शे से घर वापस लौट रही थी तो रास्ते में प्रकाश अस्पताल के समीप सौरभ चौहान ने तीन दोस्तों के साथ मिलकर उसे अगवा कर लिया। किशोरी से कार में ही गैंगरेप किया गया।
सड़क पर फेंककर हो गए थे फरार
देर रात साढ़े ग्यारह बजे उसे सड़क पर फेंककर आरोपी फरार हो गए। किशोरी को सड़क पर पड़ा देखकर राहगीरों ने घर पहुंचाया। उस दौरान परिजनों ने बदनामी के डर से मामले की रिपोर्ट ही दर्ज नहीं कराई।
आरोपियों ने 24 फरवरी 2012 को फिर उससे गैंगरेप किया। इस बार किशोरी ने बिना परिजनों की चिंता किए मामले की जानकारी नोएडा पुलिस को दे दी।
पुलिस ने दोनों बार हुए गैंगरेप की रिपोर्ट किशोरी की तहरीर पर दर्ज की। पुलिस ने सौरभ के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दायर कर दी।
पहली बार गैंगरेप के दौरान विडियो भी बनाई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान आठ गवाह पेश किए गए। पीडिता ने अदालत में कहा कि आरोपियों ने पहली बार गैंगरेप के दौरान विडियो भी बनाई थी।
किशोरी के बयान और गवाहों और साक्ष्यों के सुनकर न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार सिंह ने आरोपी सौरभ को दोषी करार दिया।
अदालत ने धारा 366ए (अपहरण) में दस साल, गैंगरेप में 14 साल और धारा 506 (जान से मारने की धमकी) में दो साल की सजा सुना दी जो अलग-अलग दोषी को भुगतनी होगी। मामले में एक आरोपी नाबालिग था।