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जाट या गुर्जर के फेर में फंसी है बीजेपी!

Mon, 10 Mar 2014 10:36 AM IST
कुंदन तिवारी/अमर उजाला, फरीदाबाद
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फरीदाबाद से कांग्रेस का लोकसभा प्रत्याशी अवतार सिंह भड़ाना फाइनल होने के बाद अब जनता के बीच उत्सुकता बढ़ गई है कि भाजपा का प्रत्याशी कौन होगा। क्या बीजेपी गुर्जर प्रत्याशी को मैदान में उतारने का खतरा उठाएगी या जाट प्रत्याशी पर दांव लगाना पसंद करेगी।
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इस बात को लेकर अटकलों का बाजार गरम हो चला है। बीजेपी की ओर से इस बार लोक सभा के लिए पूर्व सांसद रामचंद्र बैंदा और तिगांव से विधायक कृष्णपाल गुर्जर की जबरदस्त दावेदारी है।

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सूत्रों की मानी जाए तो इन दोनो प्रत्याशियों में से किसी एक पर बीजेपी के आला कमान को मोहर लगानी है। बीजेपी के पूर्व रामचंद्र बैंदा का इस सीट के सबसे प्रबल दावेंदार माने जा रहे हैं क्योंकि फरीदाबाद सीट से वह बीजेपी के टिकट से तीन बार संसद का रास्ता तय कर चुके है और उनके आरएसएस से अच्छे संबंध बताए जा रहे है।
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लेकिन उनका सबसे कमजोर पहलू यह भी है कि पिछले दो चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी अवतार सिंह भड़ाना से उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में हारे हुए प्रत्याशी पर बीजेपी ने दांव नहीं लगाया तो उनका टिकट कट सकता है।

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वहीं तिगांव से विधायक कृष्णापाल गुर्जर इस सीट पर उनसे भी प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। जब आसपास की सभी सीट कांग्रेस के पास हैं तो कृष्णपाल गुर्जर ही एक मात्र विधायक है जो तिगांव से बीजेपी के टिकट से विधानसभा तक पहुंचे है।

दूसरी ओर उनके बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह और पार्टी से प्रधानमंत्री के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी से अच्छे संबंध बताए जाते है। वहीं पिछले दिनों दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के प्रत्याशियों के जीत में उनका मुख्य योगदान बताया जा रहा है।

केवल जाट प्रत्याशी का अगर पार्टी के आला कमान ने मन बना लिया तो उनका टिकट कट सकता है। हालांकि यह स्थिति 13 मार्च को स्पष्ट हो जाएगी कि बीजेपी की टिकट पर कौन सा प्रत्याशी मैदान में होगा।
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