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AAP सरकार कहां से जुटाएगी बजट का खर्च!

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दिल्ली के व्यापारियों को राहत देने के लिए घोषित वैट अधिनियम संशोधन विधेयक, 2015 मंगलवार को विधानसभा में पेश किया गया। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने संशोधन विधेयक पेश किया।
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दिल्ली मूल्य संवर्धित कर अधिनियम, 2004 में संशोधन किए जाने से व्यापारी को अधिक कर क्रेडिट मिल सकेगा। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि सरकार बजट प्रक्रियाओं का नए सिरे से अध्ययन करके योजनाएं बनाना चाहते हैं।

ताकि संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल हो। बजट तैयार करने में आम जनता के साथ रायशुमारी को अधिक तवज्जो दी जाए। दिल्ली की वर्तमान व भावी जरूरतों पर जनता से चर्चा करके बजट तैयार करना चाहते हैं। इसी कड़ी में दिल्ली डायलॉग कमीशन बनाया गया है।
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ये है दिल्ली के लिए AAP का लेखानीति

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने वित्त वर्ष 2015-16 के बजट अनुमान में 37,750 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें योजना मद सिर्फ 15,350 करोड़ रुपये ही है। गैर योजना मद में 21,500 करोड़ रुपये की राशि और 900 करोड़ रुपये केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए बजट में शामिल है।

विशेष बात यह है कि गैर योजना मद में स्थानीय निकाय को हस्तांतरित कर, डीटीसी का परिचालन घाटा और रियायती पास की राशि, भारत सरकार को 4992 करोड़ रुपये का ब्याज व मूलधन राशि के अलावा बिजली-पानी सब्सिडी के 1690 करोड़ रुपये शामिल हैं। मसलन बाकी कार्यों के लिए गैर योजना मद में सिर्फ 9600 करोड़ रुपये के प्रावधान हैं।
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दिल्ली का पूर्ण बजट पेश होगा जून में

दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2015-16 के लिए लेखानुदान पेश कर दिया है। पूर्ण बजट तीन महीने की कसरत के बाद जून, 2015 में पेश किया जाएगा।

उसके पहले दिल्ली डायलॉग कमीशन के एक्सपर्ट और 10 विधानसभा में जनता से सीधी बातचीत करके लोकल स्तर के बजट बनाए जाएंगे। दिल्ली सरकार के अधिकारी बताते हैं कि जब जून में बजट पेश होगा तो उसमें सरकार की नीति झलकेगी।

दिल्ली में बजट को जनता से पूछकर बनाने की बात सिसोदिया ने कही है। इनके मुताबिक बंद कमरे में अब बजट नहीं बनाया जाएगा। बल्कि जनता की जरूरतों के मुताबिक उनसे ही पूछकर बजट बनाएंगे।
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