दंगों पर नियंत्रण और अफवाहों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक अनोखी पहल की है। बता दें कि दिल्ली के त्रिलोकपुरी में दिवाली की रात हुई एक मामूली झड़प दंगे के रूप में तब्दील हो गई थी। इसके बाद ही पुलिस ने इस इलाके के लोगों का एक ग्रुप बना उन्हें वाट्सऐप पर जोड़ने का फैसला किया है।
इस ग्रुप के सभी लोग दिल्ली पुलिस के सीधे संपर्क में रहेंगे। पुलिस के द्वारा किया गया यह अपनी तरह का पहला प्रयास है। संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर निगाह रखने और तनाव बढ़ाने वाली किसी भी कार्यवाही पर लगाम लगाने के लिए पूर्वी कमान के संयुक्त पुलिस कमीश्नर संजय बनीवाल ने एक वाट्सऐप ग्रुप का निर्माण करवाया है।
इस समूह में त्रिलोकपुरी इलाके के कुछ लोगों को शामिल किया गया है। समूह में शामिल किसी भी सदस्य को जैसे ही कोई संदिग्ध गतिविधी होती दिखाई दे वह इसी वाट्सऐप नंबर पर तुरंत सूचना दे सकते हैं जिससे कि पुलिस को समय रहते अलर्ट किया जा सकेगा।
शिकायत करते ही बना सार्वजनिक शौचालय
इस ग्रुप को बनाने का मकसद लोगों और पुलिस को सीधे संपर्क में लाना है जिससे कि किसी भी संदिग्ध गतिविधी के सामने आते ही तुरंत उसकी सूचना मिल सके और त्वरित कार्यवाही हो सके।
संजय बनिवाल ने त्रिलोकपुरी के सेक्टर 15, 21, 27 और 28 में लोगों के साथ मीटिंग कर इस बारे में लोगों को सूचित किया। उन्होंने बताया कि चारों ब्लॉक के लिए चार ग्रुप बनाए गए हैं। जो भी चाहे इस ग्रुप से जुड़ कर सीधे पुलिस के संपर्क में रह सकता है।
बनिवाल ने लोगों से कहा कि वह इस प्लेटफॉर्म का उपयोग अपनी शिकायतों और गुस्से को जताने के लिए भी कर सकते हैं। बनते ही यह ग्रुप कितना कारगर हो चुका है इसकी मिसाल देते हुए बनिवाल ने बताया कि ब्लॉक 27 की एक महिला ने इस नंबर पर मैसेज कर बताया कि उनके ब्लॉक में एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है। ऐसे में लोगों को इस काम के लिए ही एक किलोमीटर तक चल कर जाना पड़ता है।
स्कूल के पास लगी पीसीआर वैन
इस शिकायत पर तुरंत कार्यवाई की गई जिसका नतीजा हुआ कि एलजी फंड से इस इलाके में सार्वजनिक शौचालय बनाने को उसी दिन अनुमति मिल गई।
इसी तरह ब्लॉक 21 से किसी ने शिकायत में कहा कि इलाके के स्कूल के बाहर एक पीसीआर की नियुक्ति की जानी चाहिए। इस इलाके में सट्टेबाजी जोरों पर चलती है साथ ही स्कूल आते जाते लड़कियों को भी तंग किया जाता है। शिकायत के तुरंत बाद ही पुलिस ने स्कूल के बाहर एक पीसीआर वैन की व्यवस्था की।
असल में इस ग्रुप का मकसद पब्लिक पुलिसिंग को बढ़ावा देना है। जिससे कि शिकायत की लिखित कॉपी थाने तक पहुंचने और फिर कार्यवाई किए जाने में लगने वाले वक्त को बचाया जा सके। इस ग्रुप के माध्यम से लोग एक मैसेज लिख सीधे अपनी शिकायत पुलिस तक पहुंचा सकते हैं।
साभार: इंडियन एक्सप्रेस