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पुलिस ने किया ऑनर किलिंग का झूठा खुलासा

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ग्रेटर नोएडा के ऑटो चालक आशु की हत्या के मामले में दनकौर पुलिस का बिना तथ्यों के खुलासा करना भारी पड़ गया। पुलिस ने पीड़ित परिजनों और क्षेत्र के लोगों के सामने अपनी गलती मानी और प्रेम प्रसंग के कारण हत्या से इंकार कर दिया। हालांकि, पुलिस अब भी सुपारी लेकर हत्या की बात कह रही है।
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वहीं, केस में लापरवाही बरतने वाले एक दारोगा और हेड मोहर्रिर को बृहस्पतिवार को निलंबित कर दिया गया। बृहस्पतिवार को पीड़ित परिजन और कस्बे के लोग दनकौर में धरने पर बैठ गए। इसके समर्थन में स्कूल, कॉलेज और पेट्रोल पंप बंद रहे। धरनास्थल के पास का भी बाजार बंद रहा।

पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि एक सप्ताह में नए तरीके से खुलासा करके असली आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दोनों आरोपियों को भी रिमांड पर लाया जाएगा।
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पुलिस ने आशु की हत्या का कारण प्रेम प्रसंग बताया था, जबकि उसके परिजनों ने ऐसे किसी भी मामले से इनकार किया था। इससे नाराज होकर लोगों ने बृहस्पतिवार को बिहारी लाल चौक पर धरना दिया। इस दौरान उन्होंने सुपारी देने वालों की गिरफ्तारी और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।

इसके बाद पुलिस को प्रेम प्रसंग वाले एंगल से पीछे हटना पड़ा। पुलिस ने कहा कि युवक की हत्या का कारण प्रेम प्रसंग नहीं था। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सुपारी किलर को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उससे पहले जेल गए आरोपियों को रिमांड पर लेकर फिर से पूछताछ की जाएगी।
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दोनों आरोपी लाए जाएंगे रिमांड पर

दोपहर में सीओ ओपी त्रिपाठी ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि लापरवाही बरतने वाले दरोगा सुभाष और हेड मोहर्रिर मोहर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। जांच कराई जा रही है। अगर और पुलिसकर्मी भी लापरवाही के दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ  भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सात दिन में मामले का सही खुलासा कर दिया जाएगा और फरार हत्यारोपियों व सुपारी देने वाले की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

कस्बा रहा बंद, आंदोलन की चेतावनी
मामले को लेकर कस्बे के पेट्रोल पंप, स्कूल, कॉलेज और कुछ जगह दुकानें बंद रहींा। कस्बे के अंदर प्रवेश करने वाले ज्यादातर मार्ग भी बंद कर दिए गए। कई राजनीतिक दलों के नेता भी धरने में शामिल हुए। उधर, डाइट प्राचार्य ने भी काउंसलिंग का समय बढ़ा दिया है। पीड़ित परिजनों और कस्बे के लोगों ने चेतावनी दी कि अगर निर्धारित समय में सही खुलासा नहीं किया गया तो फिर से बाजार बंद कर आंदोलन किया जाएगा। सीओ के आश्वासन के बाद लोगों ने धरना समाप्त कर दिया।

जल्द मिलेगी शासन से आर्थिक मदद
सदर तहसील के नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह ने धरने पर बैठे लोगों को बताया कि भी मुख्यमंत्री राहत कोष, समाज कल्याण और अनुसूचित जाति से मिलने वाले लाभ दिए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जल्द ही शासन से राशि आवंटित कर दी जाएगी और पीड़ित परिजनों को सौंप दी जाएगी।

लूट के एंगल से भी होगी जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आशु कही गलती से तो हत्यारों का शिकार नहीं हो गया। वह तो पढ़ता था और कभी-कभी ऑटो चलाता था। सूत्रों की मानें तो आशु की मौत गलतफहमी का नतीजा भी हो सकती है। जांच दूसरे दृष्टिकोण से भी की जा रही है कि आशु का ऑटो नया था जबकि रोहित और उसके दूसरे साथी के ऑटो पुराने थे। उसमें इंजन भी सीज था तथा बैटरी भी पुरानी हो चुकी थी। जो आरोपी जेल गए हैं, कहीं ये वारदात उन्होंने लूटपाट के इरादे से तो नहीं की।

मामला
23 अक्तूबर को अपहरण कर आशु की हत्या करके बिलासपुर के एक बाग में शव को फेंक दिया गया था। ऑटो को हतेवा के जंगल में जलाया गया था। सुबह सूचना देने के बाद पुलिस घटनास्थल पर शाम को पहुंची थी।
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