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व्हाट्स ऐप पर सीएम अखिलेश को दी गाली, पत्रकार पर FIR दर्ज

Fri, 24 Feb 2017 10:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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सोशल मीडिया व्हाट्स एप पर ग्रुप बनाकर भड़काऊ पोस्ट डालने और सीएम को गाली देने के एक मामले में थाना सेक्टर-20 पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने सपा की युवजन सभा के एक नेता की शिकायत पर व्हाट्स ऐप ग्रुप के एडमिन और पोस्ट डालने वाले दो पत्रकारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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इस ग्रुप में पत्रकारों के अलावा पुलिस व अन्य सरकारी विभागों के अधिकारी भी जुड़े थे। युवजन सभा के नेता और पेशे से वकील नवीन भाटी ने थाना सेक्टर-20 में मुकदमा दर्ज कराया है। नवीन भाटी कैलाशपुर सूरजपुर केरहने वाले हैं।

पुलिस को दी शिकायत में नवीन भाटी ने बताया कि व्हाट्स पर एक चैनल के नाम से ग्रुप बना है। इस ग्रुप पर पवन राजपूत नाम के एक व्यक्ति ने धार्मिक उन्माद फैलाने और सांप्रदायिकता भड़काने के लिए एक पोस्ट डाला है। 
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प्रत्येक जिले में कुछ धार्मिक स्थलों को तोड़े जाने के झूठे आंकड़े दिए गए

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
इसमें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री को गाली भी दी गई है। मैसेज में प्रत्येक जिले में कुछ धार्मिक स्थलों को तोड़े जाने के झूठे आंकड़े दिए गए हैं।

इसकेसाथ ही पोस्ट करने वाले ने लोगों से अपील की है कि मैसेज पढ़ने वाले लोग बदला लें और इस मैसेज को आग की तरह फैला दें। इससे लोगों में आक्रोश है और माहौल खराब हो सकता है।

एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया कि शिकायत पर ग्रुप एडमिन प्रदीप मिश्रा और पवन राजपूत के खिलाफ सांप्रदायिकता भड़काने और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि दोनों निजी संस्थानों में पत्रकार हैं। इनकी तलाश की जा रही है। इस ग्रुप में एडमिन ने पत्रकारों, नोएडा पुलिस के अधिकारियों समेत अन्य विभाग के सरकारी अधिकारियों को भी जोड़ रखा था।
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संभल कर करें सोशल मीडिया का इस्तेमाल

demo pic - फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी दिनेश यादव के अनुसार किसी भी व्यक्ति को बहुत संभलकर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना चाहिए। सोशल मीडिया पर कोई भी झूठा पोस्ट न तो डालें और न ही उसे लाइक या शेयर करें। लाइक और शेयर करने वाला भी उतना ही दोषी है जितना कि पोस्ट डालने वाला।

कोई भी पोस्ट धार्मिक या जातिगत उन्माद फैलाने या अश्लीलता फैलाने या किसी को बदनाम करने वाला नहीं होना चाहिए। ये गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

व्हाट्स ऐप पर ग्रुप बनाते या किसी ग्रुप में शामिल होते समय विशेष सावधानी बरतें। किसी अनजान ग्रुप में न रहें और न ही किसी अनजान व्यक्ति को ग्रुप में शामिल करें। व्हाट्स ऐप ग्रुप पर किसी भी पोस्ट के लिए उसका एडमिन भी जिम्मेदार है।
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