सब कुछ लुटाकर होश में आए तो क्या फायदा, दिन में चिराग जलाएं तो क्या फायदा। जितेंद्र तोमर के फर्जी डिग्री विवाद मामले पर योगेंद्र यादव ने कुछ इस तरह केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि अगर पहले ही जांच की बात मान ली जाती तो आज यह नौबत ही नहीं आती। बताते चलें कि योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण जब पार्टी में थे तो उन्होंने जितेंद्र तोमर समेत कुछ अन्य उम्मीदवारों के खिलाफ जांच की मांग की थी, जिसे पार्टी ने सिरे से खारिज कर दिया था।
उसी पर योगेंद्र यादव ने कहा कि मैने प्रशांत भूषण ने इस मामले की जांच आंतरिक लोकपाल से कराने की मांग की थी। तब हमारी मांगों को खारिज कर दिया गया था।
योगेंद्र यादव ने बिना नाम लिए कहा कि वहां एक नेताजी के हां कहने पर ही सब कुछ तय होता है। उन्होंने जरूरी नहीं समझा तो जांच नहीं हुई। अब सच्चाई सबके सामने आ रही है।
उन्होंने कहा कि सब कुछ नेताजी ही तय करते है। वह तय कर रहे थे कि कपिल सिब्बल, नितिन गडकरी समेत अन्य लोगों के खिलाफ जांच हो लेकिन खुद अपनी पार्टी में उठ रही जांच की मांग को लेकर तैयार नहीं थे, इसलिए जांच नहीं हुई।
अब आंदोलन करेंगे योगेन्द्र और प्रशांत
आम आदमी पार्टी से निष्कासित नेता योगेंद्र यादव अब स्वराज अभियान के तहत किसानों की लड़ाई लड़ेंगे। शनिवार को योगेंद्र यादव ने देशभर में जय किसान आंदोलन के आगाज की घोषणा की।
दिल्ली में उनके सहयोगी प्रशांत भूषण, प्रो. आनंद कुमार और आप विधायक पंकज पुष्कर इस घोषणा के दौरान मौजूद रहे। योगेंद्र यादव ने कहा कि इस आंदोलन के दौरान हम एक अगस्त से 10 अगस्त के बीच पैदल मार्च भी निकालेंगे, जो पंजाब से शुरू होकर दिल्ली में खत्म होगा।
दूसरे दलों की ओर से भी किसान आंदोलन होने के एक सवाल पर योगेंद्र यादव ने कहा कि हम इसका विरोध नहीं करते। राजनीतिक दल रैलियां करती है किसान उनकी रैलियों में शामिल होने भी आते हैं। मगर वास्तव में किसानों की समस्या क्या है वह नहीं जानते।
नए मिशन पर योगेन्द्र यादव
इसलिए हम और हमारे वॉलंटियर्स बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, जम्मू एंड कश्मीर समेत अन्य राज्यों में किसानों के बीच जाएंगे। उनकी समस्याओं और मांगों के साथ 10 अगस्त को संसद मार्च करेंगे।
यह मार्च एक अगस्त को पंजाब से शुरू होगा, जो हरियाणा यूपी होते हुए दिल्ली पहुंचेगा। प्रशांत भूषण ने कहा कि इस आंदोलन के जरिए हमारी तीन मांगे हैं। सुधार के बाद लाए गए दूसरे भूमि अधिग्रहण बिल को वापस लिया जाए।
किसानों की न्यूनतम आय गारंटी एक्ट लागू हो और प्राकृतिक आपदा में किसान को अगर नुकसान होता है तो उसकी भरपाई की जाए। योगेंद्र यादव ने बताया कि इस आंदोलन के जरिए हम किसानों के साथ शहरी आबादी को भी कनेक्ट करना चाहते हैं।
इसलिए हमने एक इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया है। इच्छुक युवा साथी इसके लिए 011-46666662 पर मिस्ड कॉल भी कर सकते हैं।