दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद से 70 से 80 प्रतिशत तक भ्रष्टाचार के मामले में कटौती आई है।
केजरीवाल ने उदाहरण के तौर पर बताया कि जब उनकी बेटी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने गई तो वहां अधिकारी रिश्वत के मामले को लेकर चौकन्ने नजर आए। किसी ने उससे रिश्वत की बात नहीं की और उसे उसका ड्राइविंग लाइसेंस मिल गया।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं ये नहीं कह रहा हूं कि दिल्ली में भ्रष्टाचार पूरी तरह से खत्म हो गया है, लेकिन इस पर लगाम लगी है और ये 70 से 80 प्रतिशत तक कम हुआ है।
केजरीवाल ने जब बताई अपनी बेटी एक डीएल की कहानी
पीटीआई की खबर के मुताबिक केजरीवाल बोले कि 5 अप्रैल को सरकार ने भ्रष्टाचारनिरोधक हेल्पलाइन 1031 दोबारा शुरू की। उन्होंने लोगों से कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ स्टिंग करें और उन्हें भेजें। इस हेल्पलाइन को सवा लाख कॉल्स मिली हैं।
अपनी निजी बात पर जोर देते हुए केजरीवाल बोले कि उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए अपनी बेटी को भेजा और कहा कि वो एक आम आदमी की तरह ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने जाए।
केजरीवाल ने ये भी कहा कि वो अधिकारियों से कहें कि उनके पास एक जरूरी कागज नहीं है और वो उनका ड्राइविंग लाइसेंस बना दें जिसके लिए वो कुछ भी पे करने के लिए तैयार हैं। लेकिन विभाग के अधिकारी रिश्वत लेने से बचते नजर आए।
मेरी बेटी ने वहां अपनी बारी का इंतजार किया और...
इसी वजह से मेरी बेटी लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए गई थी। मैने उससे कहा कि वो अपनी पहचान ना बताए और एक आम आदमी की तरह लाइसेंस बनवाने के लिए जाए। मैं विभाग के अधिकारियों से इस बात के लिए कह सकता था लेकिन मैने नहीं कहा।
मेरी बेटी विभाग में गई और उसने वहां जाकर अपनी बारी का इंतजार किया। उसने अधिकारी से कहा कि उसके पास एक जरूरी कागज नहीं है तो अधिकारियों ने लाइसेंस बनाने इंकार कर दिया।
इसके बाद उसने उन्हें रिश्वत देने की कोशिश की। जब वो अधिकारी को रिश्वत देने की कोशिश कर रही थी तो वो अधिकारी उसके मोबाइल की तरफ देख रहा था कि कहीं वो कोई वीडियो तो नहीं बना रही है।
जब अधिकारियों को आ गए पसीने
मेरी बेटी ने ये भी कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस की उसे सख्त जरूरत है और उसे बनवाने के लिए कोई भी कीमत दे सकती है लेकिन अधिकारी ने रिश्वत लेने से मना कर दिया।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फिर कहा कि कुछ देर बाद वो ऑफीसर के पास दोबारा गई और उन्हें वो जरूरी कागजात दे दिए। जब अधिकारियों ने उसका नाम पढ़ा और मेरा नाम पिता के तौर पर पढ़ा तो उसने कहा कि आप मुख्यमंत्री की बेटी हैं।
इसके बाद पूरा विभाग उसका ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लगा गया। इससे ये साफ होता है कि दिल्ली के अंदर रिश्वत का स्तर कम हुआ है। इसके अलावा ऑटोड्राइवर्स ने भी मुझे फीडबैक दिया है कि भ्रष्ट अधिकारी उनकी सरकार में डरे हुए हैं।