फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब 'AAP' को उम्मीद से कम क्यों मिल रहा चंदा

विज्ञापन
विज्ञापन
आम आदमी पार्टी (आप) बेशक नए-नए तरीकों से फंड जुटाने की कोशिश कर रही है। लेकिन पिछले चुनाव की तुलना में इस बार पार्टी की झोली अब भी हल्की है। 24 दिन बाद होने जा रहे चुनाव के लिए पार्टी छह करोड़ रुपये नहीं जुटा सकी है।
विज्ञापन


जबकि पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी का बीस करोड़ रुपये का बजट पंद्रह दिन पहले पूरा हो गया था। पार्टी नेता भी मान रहे हैं कि इस बार चंदा कम आ रहा है। फिर भी, इसे बड़ी अड़चन नहीं बता रहे।

इस चुनाव में पार्टी को चंदा उम्मीद के अनुसार नहीं मिल रहा है। साथ ही इस बार का चुनावी बजट भी तीस करोड़ रुपये का है। पार्टी सेल्फी विद मफलरमैन, ट्वीट व फेसबुक अभियान, फंड के लिए दस लोगों की शृंखला बनाने के साथ अरविंद केजरीवाल ने लंच/डिनर की सीरीज चलाकर चंदा जुटाने की कोशिश भी कर रही है।
विज्ञापन

उम्मीद अब ही है बरकरार

मंगलवार शाम तक तक चंदे का ग्राफ छह करोड़ से नीचे रहा। हालांकि मंगलवार को इस सीजन का सबसे ज्यादा चंदा 40 लाख रुपये पार्टी फंड में आया।

इससे पहले पार्टी को 8 जनवरी को 33 लाख रुपये मिले थे। नाम उजागर न करने की शर्त पर एक पदाधिकारी ने बताया कि इस बार चंदा कम मिल रहा है। फिर भी, उम्मीद है कि चुनाव में तेजी आने से फंडिंग ज्यादा होगी।

पिछले दस दिनों में ही पार्टी का दो करोड़ रुपये से ज्यादा मिला है। फिर, बंगलुरू व दिल्ली लंच का पूरा डिटेल न आने से अभी इसे ऑनलाइन नहीं किया गया है। बंगलूरू के लंच से ही करीब दो करोड़ रुपये मिला है।

लोहड़ी पर आप को मिले 40 लाख

आप ने ऑनलाइन डोनेशन की लाइन नवंबर महीने में खोली थी। लेकिन दो महीने में सिर्फ तीन करोड़ रुपये का चंदा पार्टी को मिला। इसमें ऑफलाइन चंदे की राशि भी शामिल है।

हालांकि एक जनवरी से रफ्तार थोड़ी तेज हुई है। दस दिनों में पार्टी का दो करोड़ रुपये मिले। वहीं इस बीच एक दिन में सबसे ज्यादा चंदा 13 जनवरी को मिला। लोहड़ी के मौके पर पार्टी को ऑनलाइन करीब चालीस लाख रुपये मिले।

लंच करके केजरी ने जुटाए 60 लाख
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को नेताजी सुभाष प्लेस इलाके में फंड के लिए लंच किया। इसका आयोजन पार्टी की ट्रेडर विंग ने किया था। इसमें करीब 200 कारोबारी शामिल हुए। एक थाली कीमत बीस हजार रुपये रखी गई थी।

वहीं केजरीवाल कहते हैं कि हम आम लोगों के पैसे से चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि दूसरी पार्टियां बिजली कंपनियों के मालिक से मिले पैसे से लड़ रही हैं। दिल्लीवासी इसे जानते हैं। लोगों का सिर्फ आप पर यकीन है।
विज्ञापन

अब तक 'आप' को किस तरह मिला चंदा

एक नवंबर से अभी तक पार्टी का मिला चंदा: 5,79,54,444

मंगलवार शाम छह बजे तक दिन भर में मिली राशि: 39,77,592

देश के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के साथ 53 देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीयों ने दिया चंदा

करीब 77 फीसदी भारत और 33 फीसदी प्रवासियों की भागीदारी

भारत में सबसे ज्यादा चंदा दिल्ली से (44 फीसदी), इसके बाद महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश व हरियाणा का नंबर।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें