आमतौर पर लोगों की नजर में कोर्ट-कचहरी और जजों की छवि बेहद सख्त होती है। लोग मानते हैं कि इंसाफ की कुर्सी पर बैठे जज बेहद कठोर होते हैं, लेकिन एक जज ने दरियादिली की ऐसी मिसाल पेश की जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी।
कोर्ट में गवाही देने आए ठंड से ठिठुरते बुजुर्ग को सामने देखा तो उसने अपना कोट उसे दे दिया। वाकया तीस हजारी जिला अदालत स्थित एएसजे वीके बंसल की कोर्ट का है।
एक मामले में अभियोजन पक्ष की गवाही चल रही थी। कोर्ट के समक्ष विश्वनाथ गवाही देने आया था। उसके एक हाथ में प्लास्टर चढ़ा था और वह ठंड से कांप रहा था। जज ने पूछा कि वह कांप क्यों रहा है।