थक गए तो कालीन पर किया आराम
मेला घूमकर थक गए तो लोगों ने फूड कोर्ट में जाकर विभिन्न राज्यों के मनपसंद व्यंजन खाए और एंफीथियेटर के सामने बने लॉन में रंग-बिरंगे कालीन पर आराम किया। कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों को लेकर मेले में पहुंचीं। हॉल में एक किनारे कालीन पर बैठकर ये अपने बच्चे को फीडिंग कराती और सुलाते हुए नजर आईं। कई परिवार यहीं एक किनारे बैठकर खाते-पीते भी नजर आए। कुल मिलाकर शनिवार को आगंतुकों ने इत्मीनान के साथ मेले का लुत्फ उठाया।
ऊर्जा संरक्षण और स्थिरता को समझ रहे लोग
अगर आप व्यापार मेले में ऊर्जा संरक्षण और स्थिरता को समझना चाहते हैं, तो प्रगति मैदान के हॉल नंबर एक पर जाएं। यहां मौजूद विद्युत मंत्रालय के स्टॉल पर आपको मनोरंजक क्विज प्रतियोगिता के जरिये आपके दिमाग को सशक्त बनाया जाएगा। साथ ही छह या उससे अधिक उत्तरों के सही जवाब देने पर उपहार भी मिलेंगे।
दरअसल, स्टॉल पर दर्शकों के लिए एक स्पेशल कॉर्नर बनाया गया गया है। यहां भारत की जलविद्युत परियोजनाएं, टिहरी भंडारण पंप संयंत्र की क्षमता, ट्रांसमिशन लाइनें क्या हैं समेत अन्य दूसरे रोचक विषयों व प्रश्नों से लोग रूबरू हो रहे हैं। शनिवार को लोगों को यह भी बताया गया कि विद्युत मंत्रालय की आरडीएसएस योजना के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार उपक्रम कौन है। लोगों ने विभिन्न विभागों के आईपीओ किस वर्ष जारी किया गए थे, उसके गुर भी सीखे। इस दौरान स्टॉल पर मौजूद दिव्या ने जानकारी दी कि क्विज प्रतियोगिता के जरिये लोगों को विद्युत मंत्रालय से जुड़ी जानकारी दी जा रही है। यहां सवाल-जवाब तो दिलचस्प हैं ही, साथ ही आकर्षक पुरस्कारों को देख लोग अपनी क्षमता को आजमाने के लिए हिस्सा ले रहे हैं। खरीदारी व भीड़-भाड़ के बीच यह अनूठी गतिविधि उन्हें खूब लुभा रही है। अभी तक दर्जनों विजेताओं को आकर्षक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
मेले में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी मोह रही मन
व्यापार मेले में दो एंफीथियेटर में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शनिवार दीप सिंह बिष्ट ने गजलों और फिल्मी गीतों का सुमधुर कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस दौरान उनके साथ प्रकाश चंद्र ने पुराने फिल्मी गीत पेश किए, जिन्हें श्रोताओं ने बहुत पसंद किया। वहीं, ऋषभ बिष्ट भी नए गीतों से समां बांधने में कामयाब रहे। उनकी आवाज और संगीत के अद्भुत मेल का लोगों ने लुत्फ उठाया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रकाश चंद्र ने भी शेर-ओ-शायरी के साथ श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।