दिल्ली में अगले छह दिन मौसम का मिजाज बदला-बदला रहेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में 1 से 6 जुलाई के बीच मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिलेगा। वहीं, मौसम विभाग की भविष्यवाणी है कि 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत पर एक नए पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देगा। इसका असर देर रात या फिर 3 जुलाई की सुबह देखने को मिल सकता है। इन दिनों आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
दो दिन बारिश का यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग की भविष्यवाणी है कि 1 जुलाई को तापमान घटकर 35 से 37 डिग्री और 2 जुलाई को 34 से 36 डिग्री तक रहने का अनुमान है। इन दोनों दिन आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने इन तीन दिन बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, 4, 5 और 6 जुलाई को भी मौसम इसी तरह बना रहेगा। अधिकतम 33 से 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
अलर्ट के बाद भी नहीं बरसे बदरा, गर्मी से परेशान दिखे दिल्लीवासी
दिल्ली में मंगलवार दिन के सुबह की शुरुआत सुहावने मौसम से हुई। तड़के ही आसमान में काले बादल ने डेरा जमा लिया था। इससे लोगों को गर्मी से फोरी राहत मिली। लेकिन, यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं रही। दोपहर करीब एक बजे मौसम ने करवट ली और तेज धूप के कारण लोग गर्मी से परेशान हो गए। दोपहर होते-होते गर्मी का असर और बढ़ गया। ऐसे में लोग गर्मी से बचाव के उपाय करते हुए नजर आए।
गर्मी में पेय पदार्थों की आवश्यकता भी बढ़ गई। शाम को भी उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिली। हालांकि, मौसम विभाग ने खबर लिखे जाने तक बारिश का यलो अलर्ट जारी किया हुआ है। इस दौरान महज 0.1 एमएम बूंदाबांदी रिकॉर्ड हुई। इस दौरान अधिकतम तापमान 40.5 और न्यूनतम तापमान 30.2 डिग्री दर्ज हुआ। दिल्ली में अधिकतम आर्द्रता 67 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 41 प्रतिशत रही।
जुलाई में देशभर में सामान्य से कम बारिश की संभावना
जुलाई में देशभर में औसत बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। इस महीने में भारत में लगभग 94 प्रतिशत लंबी अवधि औसत बारिश होने का अनुमान है। वर्ष 1971-2020 के औसत के आधार पर जुलाई में देश में सामान्य बारिश लगभग 280.4 मिमी होती है। इस बार बारिश का स्तर उससे थोड़ा कम रहने की आशंका जताई गई है।
आईएमडी के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि जुलाई के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में वर्षा सामान्य से कम रह सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में सामान्य या उससे अधिक बारिश होने के संकेत हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर-पश्चिम भारत और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ हिस्सों के साथ-साथ पूर्वी-मध्य और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। हालांकि देश के बाकी हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है।