उत्तर भारत विशेषकर हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में कंपकंपाने वाली सर्द हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं। पहाड़ों पर नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण बर्फबारी और कड़ाके की ठंड लौट आई है। मैदानी इलाकों में शीतलहर, घने कोहरे और प्रदूषण का संयुक्त प्रभाव जनजीवन पर सीधा असर डाल रहा है।
दिल्ली-एनसीआर : धूप के बावजूद ठंड और प्रदूषण का दोहरा दबाव
दिल्ली-एनसीआर में बीते दिनों में अधिकतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा, जबकि न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे बढ़कर 10 से 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। इसके बावजूद शीतलहर जैसी परिस्थितियां और सुबह-शाम की ठिठुरन बनी हुई है।पश्चिमी हवाओं की गति पिछले 24 घंटों में 17 किमी प्रति घंटे तक रही, जिससे तापमान में हल्की बढ़ोतरी हुई। सबसे चिंताजनक स्थिति प्रदूषण की है दिल्ली का एक्यूआई 349 दर्ज हुआ जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और श्वसन रोगियों के लिए खास सावधानी बरतने की सलाह दी है।
यूपी में तापमान और गिरेगा...
पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और अवध क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे का असर प्रमुख रूप से बना रहेगा। पश्चिमी यूपी में रात के तापमान में हल्की गिरावट देखी जा रही है, जबकि सुबह और देर रात घना कोहरा सड़क परिवहन को प्रभावित करेगा। पूर्वी यूपी में कोहरा अधिक घना रहने का अनुमान है, जिसकी अवधि 15 दिसंबर तक बढ़ सकती है। यहां न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट जारी रहेगी।
शीतलहर का दायरा बढ़ा
कई राज्यों में अलर्ट...महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तेलंगाना, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और उत्तरी ओडिशा में 12 से 13 दिसंबर तक शीतलहर चलने की संभावना जताई गई है।पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी 12 और 13 दिसंबर को शीतलहर का असर दिख सकता है।पूर्वोत्तर भारत असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 15 दिसंबर तक घना कोहरा बना रहने की चेतावनी है।
पहाड़ से मैदान तक मौसम का बड़ा बदलाव जारी...
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हिमालयी राज्यों में मौसम का रुझान अगले कुछ दिनों में और बदलेगा। मैदानी इलाकों में कोहरा, तापमान में उतार-चढ़ाव और प्रदूषण से जनजीवन प्रभावित रहेगा। दिसंबर का यह मध्य भाग बर्फबारी, शीतलहर, कोहरे, तेज धूप और समुद्री तेज हवाओं इन सभी का मिश्रित मौसम पैटर्न दिखा रहा है, जिसके चलते सतर्कता बेहद जरूरी है।
दक्षिण भारत में तेज हवाएं और समुद्री खतरा...
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। तमिलनाडु और श्रीलंका तट के पास समुद्र में हवाएं 35 से 45 किमी प्रति घंटे की गति से चल सकती हैं।