दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता लगातार ठीक हो रही है। बारिश की वजह से शनिवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का शनिवार को जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक थोड़ा सुकून पहुंचाने वाला है।
दिल्ली में हवा जहां गंभीर श्रेणी के पायदान से उतरकर खराब श्रेणी में आ गई है। वहीं दिल्ली के आस-पास के क्षेत्रों में नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद व रोहतक की हवा गुणवत्ता बीते हफ्ते की तुलना में काफी ठीक हुई है।
सीपीसीबी के वैज्ञानिक व वायु प्रदूषण प्रयोगशाला के प्रभारी डॉ डी साहा ने बताया कि अभी हवा में और सुधार होगा। मौसम विभाग के मुताबिक, अभी हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। ऐसे में पर्टिकुलेट मैटर पीएम 2.5 और 10 के स्तर में गिरावट हो सकती है।
वायु गुणवत्ता करीब 7 से 8 दिन गंभीर श्रेणी में रही अब ठीक हो सकती है। जबकि सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) का अगले तीन दिनों का अनुमान इसके उलट तस्वीर पेश कर रहा है।
सफर के मुताबिक, दिल्ली में पर्टिकुलेट मैटर 2.5 के कम होने के आसार नहीं है। दो दिन बाद यह फिर बढ़ सकता है। सफर की हेल्थ एडवाइजरी अब भी बाहरी वातावरण के संपर्क में ज्यादा न जाने और अत्यधिक काम न करने की सलाह दे रही है।
सीपीसीबी के ग्रेडेड एक्शन रिस्पांस प्लान (ग्रैप) का लाइव चार्ट यह बताता है कि पर्टिकुलेट मैटर 2.5 का स्तर शनिवार को शाम करीब 7 बजे 150 और पीएम 10 का स्तर 220 के आस-पास रिकॉर्ड किया गया।
जबकि बीते हफ्ते इनके स्तर 5 से 10 गुना तक ज्यादा रिकॉर्ड किए गए थे। 24 घंटों के आधार पर पीएम 2.5 का सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है।
सीपीसीबी की ओर से शनिवार को जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई)
smog in delhi
- फोटो : अमर उजाला
स्थान एक्यूआई
दिल्ली 298
नोएडा 288
गाजियाबाद 364
आगरा 361
कानपुर 334
लखनऊ 337
मुरादाबाद 333
वाराणसी 267
गुरुग्राम 310
फरीदाबाद 305
भिवाड़ी 272
सीपीसीबी के यह आंकड़े शाम 4 बजे तक बीते 24 घंटे का हाल बताते हैं। कल की बारिश ने दिल्ली और आस-पास की वायु गुणवत्ता को ठीक किया है। गंभीर वायु गुणवत्ता सूचकांक 401-500 से ऊपर का अंक दर्शाती है। जबकि अभी यूपी में आगरा, लखनऊ, कानपुर में हवा बहुत खराब (301-400 से ऊपर) है। जबकि इससे नीचे यानी 101 से 200 का सूचकांक खराब हवा का सूचक है।