भारी बारिश के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा में बृहस्पतिवार देर रात बोल्डर गिरने से आवाजाही ठप हो गई। लोनिवि गुप्तकाशी ने शुक्रवार दोपहर को आंशिक मार्ग खोल दिया है लेकिन रुक-रुककर पत्थर गिरने से कार्य प्रभावित हो रहा है। सोनप्रयाग में फिलहाल करीब दो हजार यात्रियों को रोका गया है। दूसरी ओर, बिहार में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है और 15 जिलों में 47 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और लोनिवि के कर्मचारी मार्ग पर तैनात रहे और रास्ते में फंसे दस-दस तीर्थ यात्रियों के समूहों को गौरीकुंड की ओर रवाना किया। हालांकि बढ़ते खतरे को देखते हुए सोनप्रयाग से आगे यात्रियों को रोक दिया गया। विभिन्न स्थानों पर करीब दो हजार तीर्थयात्री अभी रुके हुए हैं।
उत्तर-पश्चिम भारत में आंधी-बारिश का अलर्ट...
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके प्रभाव से 17 सितंबर तक पंजाब, दिल्ली-एनसीआर व राजस्थान में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश होने की संभावना है, जिसको लेकर आईएमडी ने अलर्ट जारी किया है। हरियाणा और चंडीगढ़ में 13 व 14 सितंबर के दौरान भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
बिहार में बाढ़ की स्थिति और गंभीर, 47 लाख प्रभावित
बिहार में गंगा और उसकी सहायक नदियांे के उफान से राज्य के 15 जिलों में 47.33 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। नदियों के बढ़ते जलस्तर से तटबंधों पर भारी दबाव है और कई स्थानों पर कटाव व रिसाव की घटनाएं सामने आई हैं। भागलपुर जिले में कम से कम चार स्थानों पर तटबंध टूटने की सूचना मिली है, जहां मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर जारी है। राज्य के जल संसाधन मंत्री व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अधिकारियों को तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं।