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'हमें कन्हैया पर गर्व है, किसान के बेटे का दर्द समझें मोदी'

Wed, 02 Mar 2016 08:12 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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जो परिवार अंग्रेजों के जमाने से देशसेवा में जुटा हो और पिछले वर्ष उसी परिवार का एक बेटा (सीआरपीएफ जवान) देश की सुरक्षा में शहीद हो जाए, उसी कन्हैया पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
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जिस परिवार के पूर्वज देश को सर्वोपरि मानते हों, उनके वंशज देशविरोधी कैसे हो सकते हैं। यह बातें कन्हैया कुमार के चाचा राजेंद्र सिंह ने सोमवार देर रात जेएनयू कैंपस में छात्रों और शिक्षकों को संबोधन के दौरान कहीं।

कुलपति कार्यालय के पास आयोजित कार्यक्रम में भाई मणिकांत ने मुश्किल वक्त में कन्हैया पर विश्वास व सहयोग देने के लिए सबका धन्यवाद किया।
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'दुनिया के नक्शे पर आया गांव का नाम'

उन्होंने कहा कि मेरा भाई चीख-चीखकर बेगुनाह होने की बात कहता रहा, लेकिन किसी ने नहीं सुना। हालांकि सच सामने आ गया। चाचा का कहना था कि कन्हैया बेहद छोटे से गांव से ताल्लुक रखता है।

हालांकि जेएनयू तक पहुंचना उसके लिए बड़ी बात थी। कन्हैया के चलते गांव का नाम देश ही नहीं, दुनिया के नक्शे में आ गया। हमें कन्हैया पर गर्व है कि उसने साहस नहीं छोड़ा और उसकी मदद के लिए हजारों की तादाद में लोग सड़कों पर उतरे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि वे चाय बेचने वाले थे और बेहद संघर्ष से मुकाम हासिल किया है, लेकिन उन्हें दुख हुआ कि चाय बेचने वाले एक किसान के बेटे का दर्द नहीं समझ सके। उन्होंने इस मामले पर एक शब्द भी नहीं बोला। बल्कि उसको देशद्रोही मान लिया।
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