-जलभराव के कारण मरीजों को वार्ड, ओपीडी और जांच केंद्रों तक पहुंचने में काफी दिक्कत हुई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में बुधवार सुबह हुई लगातार बारिश ने स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों की पोल खोल दी। दिल्ली के कई बड़े सरकारी अस्पतालों में जलभराव होने से मरीजों, तीमारदारों और अस्पताल कर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सफदरजंग अस्पताल, एम्स, डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल समेत कई अस्पतालों के गलियारों, प्रवेश द्वारों और अन्य हिस्सों में पानी भर गया, जिससे अस्पताल परिसर तालाब में तब्दील नजर आया।
खासकर सफदरजंग अस्पताल में जलभराव के कारण मरीजों को वार्ड, ओपीडी और जांच केंद्रों तक पहुंचने में काफी दिक्कत हुई। कई तीमारदार मरीजों को गोद में उठाकर या व्हीलचेयर को पानी के बीच से धकेलकर अंदर ले जाते दिखाई दिए। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों को सबसे ज्यादा तकलीफ का सामना करा। कई जगह फर्श पर पानी जमा होने से लोग फिसलकर भी गिर गए, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बारिश के बीच अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे लोगों को पहले जलभराव की समस्या से जूझना पड़ा। लोगों ने सवाल उठाया कि राजधानी के सबसे बड़े अस्पतालों में यदि बारिश के कुछ घंटों में ही यह स्थिति बन जाती है, तो आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों की सुरक्षा और सुविधा कैसे सुनिश्चित होगी। जलभराव के कारण अस्पतालों के कई हिस्सों में आवाजाही प्रभावित रही