सड़कों पर मोटर वाहनों की बढ़ती भीड़ के बीच शीघ्र ही लोगों को यमुना नदी में यात्रा करने का मौका मिल सकता है। केन्द्र सरकार फिलहाल दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में यमुना नदी में वाटर टैक्सी चलाने की तैैयारी कर रही है। उम्मीद की जा रही है कि शीघ्र ही यह सेवा शुरू हो जाएगी।
केन्द्रीय नौवहन मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को दिल्ली के सोनिया विहार में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण -आईडब्ल्यूएआई- की बन रही वाटर टैक्सी परियोजना का जायजा लिया।
इसके बाद उन्होंने बताया कि तैयारी जोरों पर चल रही है और शीघ्र ही यहां लोगों को वाटर टैक्सी सेवा की सुविधा मिलेगी। उनका कहना है कि इस सेवा के शुरू होने से न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि सड़कों पर बढ़ रहे ट्रैफिक की वजह से जल मार्ग के जरिये भी लोगों को यात्रा करने का मौका मिलेगा।
इस समय दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 16 किलोमीटर के दायरे में पांच स्थानों पर टर्मिनल सुविधा विकसित की जा रही है। वहां फ्लोटिंग जेटी बनाये जा रहे हैं ताकि वहां वाटर टैक्सी को पार्क किया जा सके।
इनमें वजीराबाद, सोनिया विहार, गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी, जगतपुर, और फतेहपुर जाट शामिल हैं। इसे दो चरणों में विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में सोनिया विहार से ट्रोनिका सिटी जबकि दूसरे चरण में वजीराबाद से सोनिया विहार और ट्रोनिका सिटी से फतेहपुर जाट।
मंडाविया का कहना है कि इस मार्ग पर जो वाटर टैक्सी चलाये जाएंगे वे इलेक्ट्रिक पावर्ड यानि बैटरी से चलने वाले भी हो सकते हैं। यह सफल नहीं हुआ तो डीजल से चलने वाले वाटर टैक्सी भी चलाये जा सकते हैं। इस बारे में कुछ और विकल्पों पर विचार हो रहा है।
उनका कहना है कि जो भी विकल्प चुना जाएगा, वह पर्यावरण के प्रति अनुकूल होगा। इस पोयिोजना पर पहले ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से हरी झंडी ली जा चुकी है।
उल्लेखनीय है कि यमुना नदी में वाटर टैक्सी चलाने की परिकल्पना पूर्व नौवहन मंत्री नितिन गडकरी की थी। उन्होंने सोनिया विहार से फतेहपुर जाट और दिल्ली से आगरा तक वाटर टैक्सी चलाने के लिए काम शुरू किया था। लेकिन दिल्ली से आगरा तक नदी में पर्याप्त जल नहीं रहने की वजह से पहले वजीराबाद से फतेहपुर जाट की तरफ काम शुरू किया गया।
इस परियोजना का पर्यावरणीय और लागत-लाभ अध्ययन किया जा चुका है। पर्यावरणविदों ने कहा है कि इस सेवा के शुरू होने से पेय जल के खराब होने की आशंका नहीं है।