दक्षिण दिल्ली के महरौली इलाके में पानी के प्लांट मालिक ने अपने कर्मचारियों को रुपये देने से इनकार किया तो उन्होंने उसे गोली मार दी। आरोपी कर्मचारी खुद को बचाने के लिए प्लांट मालिक को गंभीर हालत में एम्स अस्पताल ले गए। वहां पुलिस को झूठी कहानी सुनाकर गुमराह करने का प्रयास किया। अगले दिन घायल की मौत हो गई। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि 28 मई की दोपहर मुबीन सैफी और नितेश कुमार नामक युवक प्लांट मालिक मुकेश को लेकर एम्स अस्पताल पहुंचे थे। गोली लगने के कारण वह बयान देने की हालत में नहीं था।
पुलिस ने मुबीन से पूछताछ की तो आरोपी पुलिस को गुमराह करने लगा। उसने बताया कि बाइक सवार दो लड़के मुकेश को गोली मारकर फरार हो गए। महरौली पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को मुबीन के बयान पर कुछ शक हुआ। पुलिस ने प्लांट पर ही काम करने वाले सलमान उर्फ कलुआ से पूछताछ की। इस दौरान सलमान टूट गया। उसने बताया कि घटना वाले दिन मुबीन ने मुकेश से कुछ पैसे मांगे थे। रुपये देने से इनकार कर मुकेश ने अपने पिछले पैसे मांगे।
इसी कहासुनी के दौरान मुबीन को गुस्सा आ गया और उसने अपने साथियों से मुकेश को पकड़ने के लिए कहा। वहां मौजूद सलमान और दीपक उर्फ शानू ने मुकेश को पकड़ लिया। बाद में मुबीन ने उसे गोली मार दी।
वारदात के बाद नितेश कुमार सोनी ने फर्श से खून साफ किया। बाद में मुबीन और नितेश मुकेश को अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया। चारों ही आरोपी महरौली इलाके के रहने वाले हैं। मुबीन के खिलाफ हत्या का मामला पहले भी दर्ज है। नितेश के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।