केआईआईटी कॉलेज व नवज्योति इंडिया फाउंडेशन ने मिलकर शनिवार को जल चौपाल का आयोजन किया। यह चौपाल भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रोजेक्ट ‘वाटर हेल्थ क्लीनिक’ के तहत नया गांव में आयोजित हुई।
गांव के पानी के नमूने लिए गए, जिसे कॉलेज की लैब में टेस्ट किया जाएगा। चौपाल में वॉलंटियर्स को पानी का टेस्ट कैसे करें, इसकी जानकारी दी गई।आने वाले दिनों में सोहना खंड के 44 गांवों में इस प्रकार की चौपाल लगाई जाएगी। इसके माध्यम से जल की गुणवत्ता जांची जाएगी, जिससे लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा हो सके।
विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग के विशेषज्ञ ने गांव वालों को खराब पानी पीने से होने वाली हानियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पेयजल का स्वच्छ होना जरूरी है। जल चौपाल में सहगल फाउंडेशन के भूमि जल विशेषज्ञ ललित सहगल ने कहा कि भूमिगत जल की खराब गुणवत्ता के लिए यूरिया, खेती मेंइस्तेमाल होने वाले कीटनाशक और खुले में पड़ा गोबर व कचरा मुख्य कारण हैं।
उन्होंने किसानों से कहा कि रसायनों व कीटनाशकों का वह कृषि कार्य में कम से कम इस्तेमाल करें। इस मौके पर केआईआईटी के महानिदेशक ने ग्रामीणों से कहा कि वह कॉलेज की लैब में जल की मुफ्त में जांच करा सकते हैं।